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Tuesday, June 16, 2026

तेल क्षेत्र को झटका: डीजल और एटीएफ के निर्यात पर केंद्र सरकार ने बढ़ाया विंडफॉल टैक्स, नई दरें लागू

नई दिल्ली । पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक संकट और उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम क्षेत्र को लेकर बड़ा फैसला किया है. सरकार ने डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ – एविएशन टर्बाइन फ्यूल) के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विंडफॉल टैक्स) में बढ़ोतरी कर दी है. हालांकि, पेट्रोल पर लगने वाले मौजूदा कर में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, टैक्स की ये संशोधित नई दरें 16 जून 2026 से ही पूरे देश में प्रभावी हो गई हैं.

निर्यात पर क्या होंगी नई टैक्स दरें?

वित्त मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, वैश्विक बाजार के समीकरणों को देखते हुए निर्यात शुल्कों में निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:

  • डीजल निर्यात: डीजल के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को 13.50 रुपये से बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.

  • एटीएफ (हवाई ईंधन) निर्यात: विमान ईंधन के निर्यात पर सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई है. इसे 9.50 रुपये से बढ़ाकर सीधे 12.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.

  • पेट्रोल निर्यात: पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में कोई फेरबदल नहीं हुआ है, यह पूर्व की तरह 1.50 रुपये प्रति लीटर पर बरकरार है.

क्यों लिया गया यह फैसला?

वित्त मंत्रालय ने इस कर वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से देश के आंतरिक हितों का हवाला दिया है. सरकार का उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता (सप्लाई) सुनिश्चित करना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही खींचतान का असर भारत के भीतर न पड़े.

आम जनता पर कोई असर नहीं, पड़ोसी देशों को भी राहत

अधिसूचना में कुछ बेहद महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिए गए हैं, जो आम उपभोक्ताओं और भारत के मित्र देशों के लिए राहत भरे हैं:

  1. घरेलू बिक्री पर असर नहीं: विंडफॉल टैक्स में की गई यह बढ़ोतरी केवल विदेशों में किए जाने वाले निर्यात पर लागू होगी. देश के भीतर पेट्रोल-डीजल की घरेलू बिक्री या पेट्रोल पंपों की कीमतों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.

  2. पड़ोसी देशों को छूट: सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय तेल एवं गैस विपणन कंपनियों (जैसे- IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा भारत के पड़ोसी देशों— नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को किए जाने वाले ईंधन निर्यात पर यह बढ़ी हुई दरें लागू नहीं होंगी. उन्हें पहले की तरह ही ईंधन मिलता रहेगा.

01 जून को दी गई थी राहत: इससे पहले सरकार ने बीते 1 जून को विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करते हुए कीमतों में कटौती की थी. उस दौरान पेट्रोल पर 1.50 रुपये, डीजल पर 3 रुपये और एटीएफ पर 6.50 रुपये की कटौती कर कंपनियों को राहत दी गई थी, जिसे अब पाक्षिक (Fortnightly) समीक्षा के बाद दोबारा बढ़ा दिया गया है.

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