रांची : लोहरदगा, गुमला, जशपुर, पत्थलगांव एवं धरमजयगढ़ को जोड़ने वाली लगभग 291 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन को भारत सरकार द्वारा मंजूरी दिए जाने पर पूरे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का माहौल है। लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण परियोजना की मांग स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों एवं आम जनता द्वारा निरंतर उठाई जाती रही है। इस रेल लाइन के निर्माण के लिए राज्यसभा के पूर्व सांसद महेश पोद्दार, समीर उरांव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर संसद में मुद्दा उठाया। साथ ही, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेई जी द्वारा भी माननीय रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया गया था। झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी इस दिशा में पहल करते हुए अपना समर्थन दर्ज कराया था।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ क्षेत्र में धरमजयगढ़–खरसिया रेल लाइन पहले ही बन चुकी है तथा धरमजयगढ़–कोरबा रेल लाइन का कार्य प्रगति पर है। ऐसे में इस नई रेल लाइन के पूर्ण होने पर झारखंड से छत्तीसगढ़ के लिए एक नया एवं सुगम रेल मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
यह रेल परियोजना विशेष रूप से गुमला एवं जशपुर जैसे जनजातीय बहुल क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए क्षेत्र की जनता माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार प्रकट करती है। यह परियोजना निश्चित रूप से पूरे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देगी।
