राँची: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने राज्य में सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) को प्रोत्साहित करने और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं के विस्तार को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में नेट मीटरिंग स्वीकृति प्रक्रिया को अधिक सरल, समयबद्ध और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की पुरजोर मांग की गई है।
चैम्बर के महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि झारखंड सरकार ग्रीन एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में सकारात्मक पहल कर रही है। राज्य में रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है, लेकिन नेट मीटरिंग स्वीकृति में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयाँ इस अभियान की गति को धीमा कर रही हैं। विभिन्न औद्योगिक इकाइयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और घरेलू उपभोक्ताओं से मिले फीडबैक के अनुसार, नेट मीटरिंग स्वीकृति में अनावश्यक देरी, निरीक्षण प्रक्रियाओं में विलंब, तकनीकी आपत्तियां और समन्वय की कमी जैसी समस्याएं आ रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं का उत्साह प्रभावित हो रहा है।
झारखंड चैंबर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि नेट मीटरिंग की पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया जाए। आवेदनों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर हो और अनावश्यक देरी के लिए जवाबदेही तय की जाए। साथ ही, जिला एवं विद्युत प्रमंडल स्तर के अधिकारियों को सोलर उपभोक्ताओं व उद्यमियों के प्रति सहयोगात्मक रुख अपनाने के निर्देश दिए जाएं। चैंबर ने सुझाव दिया कि आवेदन, निरीक्षण, स्वीकृति और मीटर स्थापना की ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था विकसित की जाए। इसके अलावा, ऊर्जा विभाग या जेबीवीएनएल (JBVNL) स्तर पर एक समर्पित ई-मेल आईडी और हेल्पडेस्क की स्थापना की जाए ताकि शिकायतों का तुरंत समाधान हो सके।
चैम्बर के एमएसएमई उप समिति के चेयरमैन विकास विजयवर्गीय ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और उपभोक्ता हितों के लिए राज्य में सौर ऊर्जा का विस्तार बेहद जरूरी है। यदि नेट मीटरिंग प्रक्रिया को सरल और बाधारहित बनाया जाता है, तो झारखंड देश के अग्रणी हरित ऊर्जा राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकता है।
