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Sunday, May 31, 2026

अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले को लेकर टीएमसी आक्रामक, फेसबुक पोस्ट के जरिए भाजपा पर दागे गंभीर सवाल

कोलकाता । पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बेहद तीखा हमला बोला है। तृणमूल ने इस पूरी घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए भाजपा की राजनीतिक कार्यसंस्कृति पर गहरे प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं।

वीडियो फुटेज और तस्वीरों का हवाला देकर भाजपा नेत्री पर लगाया आरोप

शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर किए गए अपने पोस्ट में तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया है कि सोनारपुर में हुए इस हमले के कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें सुष्मिता दत्ता नामक एक भाजपा कार्यकर्ता को सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला करते हुए साफ देखा जा सकता है। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि उक्त आरोपी महिला की कई तस्वीरें भाजपा की वरिष्ठ नेता अग्निमित्रा पाल और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी सहित भाजपा के कई शीर्ष नेताओं के साथ सार्वजनिक तौर पर मौजूद हैं।

तृणमूल ने पूछा: क्या हमले के पीछे भाजपा नेताओं का राजनीतिक संरक्षण है?

तृणमूल कांग्रेस ने इस घटनाक्रम पर कड़े सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या भाजपा के बड़े नेताओं ने ही अपनी इस कार्यकर्ता को ऐसी हिंसक गतिविधियों के लिए उकसाया था, या फिर उन्हें शीर्ष स्तर से किसी प्रकार के राजनीतिक संरक्षण का भरोसा दिया गया था। टीएमसी ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक और स्वागत योग्य है, लेकिन मतभेदों को हिंसक रूप देना राजनीतिक असहिष्णुता को दर्शाता है, जो देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने का काम करता है।

सोनारपुर की घटना के बाद बंगाल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी

गौरतलब है कि शनिवार को सोनारपुर इलाके में अभिषेक बनर्जी के दौरे के दौरान यह कथित हमला हुआ था, जिसके बाद से ही राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है। जहाँ एक तरफ भाजपा राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विफल होने का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर तृणमूल इसे भाजपा समर्थकों की सोची-समझी राजनीतिक हिंसा से जोड़कर घेरने में जुटी है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस पूरे विवाद पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक पलटवार या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

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