रांची । फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) की वर्तमान कार्यकारिणी समिति की नौवीं महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को चैंबर भवन में अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचा, कौशल विकास और स्थानीय समस्याओं पर गहन नीतिगत चर्चा की गई। चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने बताया कि राज्य में औद्योगिकीकरण को रफ्तार देने के लिए चैंबर द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों का लगातार दौरा किया जा रहा है। पहले दो चरणों में सामने आईं उद्यमियों की समस्याओं को उद्योग सचिव और जियाडा के प्रबंध निदेशक के समक्ष उठाकर समाधान की पहल की गई है। इसके साथ ही ओरमांझी में ‘निफ्ट’ (NIFT) की स्थापना के लिए राज्य सरकार द्वारा केंद्र को भेजे गए पत्र की सराहना करते हुए आभार जताया गया। सह सचिव रोहित पोद्दार ने जानकारी दी कि तीसरे चरण में जल्द ही बोकारो, धनबाद और गिरिडीह औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा किया जाएगा।
भवन नियमितीकरण योजना के लिए चलेगा राज्यव्यापी जागरूकता अभियान
बैठक के दौरान राज्य सरकार की प्रभावी भवन नियमितीकरण योजना का अधिकतम लाभ आम जनता तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया। चैंबर अध्यक्ष ने घोषणा की कि सभी प्रमंडलों के क्षेत्रीय उपाध्यक्षों और जिला चैंबरों के सहयोग से इसके लिए एक राज्यव्यापी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। संताल परगना के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल ने दान में प्राप्त भूमि पर बने भवनों के नियमितीकरण को लेकर विभाग से स्थिति स्पष्ट (क्लैरिटी) करने की मांग की ताकि लोग बिना असमंजस के आवेदन कर सकें। इसके अतिरिक्त, सदस्यों ने हरमू, बरियातू और अरगोड़ा हाउसिंग कॉलोनी के आवासों को ‘आवासीय सह व्यावसायिक’ उपयोग की अनुमति देने की आवश्यकता रेखांकित की। वहीं, सेवा सदन पथ में वर्षों से लंबित जलजमाव के स्थायी समाधान हेतु कनेक्टिंग नाले के चौड़ीकरण के लिए राशि आवंटित करने पर नगर आयुक्त और मुख्य अभियंता के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
कौशल विकास मिशन के साथ होगा एमओयू, आरा मिलों पर जल्द आ सकता है फैसला
चैंबर के महासचिव रोहित अग्रवाल ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि झारखण्ड चैंबर शीघ्र ही ‘झारखण्ड स्किल डेवलपमेंट मिशन’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगा, जिससे उद्योगों की जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किए जा सकें। बैठक में चैंबर के संविधान संशोधन और उप समितियों की प्रगति पर भी चर्चा हुई; उपाध्यक्ष द्वय प्रवीण लोहिया व राम बांगड़ ने बताया कि वर्तमान सत्र में अब तक 163 सफल बैठकें हो चुकी हैं। इसके अलावा, कार्यकारिणी सदस्य तुलसी पटेल ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि 12 दिसंबर 1996 से पूर्व स्थापित वैध आरा मिलों को वन क्षेत्र से 5 किलोमीटर की दूरी की बाध्यता से मुक्त करने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय की राज्यस्तरीय समिति से अनुशंसा मिल चुकी है, जिस पर अगले एक महीने में सकारात्मक निर्णय आने की उम्मीद है। इससे राज्य में बंद पड़ी कई आरा मिलों के पुनः संचालन का रास्ता साफ होगा।
जिला चैंबरों ने उठाईं स्थानीय समस्याएं, पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी सम्मानित
बैठक के दौरान गुमला चैंबर, श्री बंशीधर नगरउंटारी और तेलो चैंबर के आए पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं से वरीय नेतृत्व को अवगत कराया, जिसमें राज्य में बालू की कमी तथा इसकी कीमतों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। सह सचिव नवजोत अलंग और रोहित पोद्दार ने नए सदस्यों के आवेदनों को सदन के पटल पर रखा, जिन्हें सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। अंत में, कार्यकारिणी समिति ने चैंबर के पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी को ‘पंजाबी हिंदू बिरादरी’ का नया अध्यक्ष निर्वाचित होने पर बधाई दी और उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। इस बैठक में कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, पूर्व अध्यक्षगण अरुण बुधिया, मनोज नरेड़ी, सज्जन सराफ, पवन शर्मा, किशोर मंत्री, परेश गट्टानी सहित गुमला व नगरउंटारी के कई गणमान्य उद्यमी और सदस्य उपस्थित रहे।
