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Wednesday, June 10, 2026

झारखंड में लाल आतंक को बड़ा झटका: रांची में 27 माओवादियों ने किया सामूहिक आत्मसमर्पण, सौंपे आधुनिक हथियार

रांची । झारखंड में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। राजधानी रांची के धुर्वा स्थित पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को एक साथ 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ दिया। मुख्यधारा में लौटने वाले इन उग्रवादियों में प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के 25 और झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के दो सदस्य शामिल हैं। इनमें से 8 शीर्ष कमांडरों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था और इन सभी के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 426 गंभीर मामले दर्ज हैं।

नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और गोला-बारूद भी सौंपा है। बरामद हथियारों में 1 लाइट मशीन गन (LMG), 5 इंसास राइफल, 9 एसएलआर राइफल, 1 बोल्ट-एक्शन राइफल, 1 पिस्टल, 31 मैगजीन और 3000 राउंड जिंदा कारतूस शामिल हैं। सरेंडर करने वालों में सबसे प्रमुख सागेन आंगारिया है, जिस पर 5 लाख का इनाम और अकेले चाईबासा में 123 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा गादी मुंडा, नागेंद्र मुंडा, रेखा मुंडा और जेजेएमपी के सचिन बैक जैसे 5-5 लाख के इनामी नक्सलियों ने घुटने टेके हैं।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने बताया कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को सुनियोजित तरीके से पूरी सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर का संयुक्त अभियान राज्य को नक्सल मुक्त बनाने तक जारी रहेगा। सीआरपीएफ आईजी साकेत सिंह ने बताया कि पिछले छह महीनों में सुरक्षाबलों ने जंगलों के भीतर 21 नए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) स्थापित किए हैं, जिससे नक्सलियों की कमर पूरी तरह टूट गई और उन्होंने सरेंडर का रास्ता चुना।

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