कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में उत्तर 24 परगना की पानीहाटी सीट पर मुकाबला बेहद चर्चा में रहा। यहाँ से माकपा (CPIM) के उम्मीदवार और चर्चित युवा चेहरा कल्तान दासगुप्ता को ‘अभया’ (आरजी कर पीड़िता) की मां के हाथों हार का सामना करना पड़ा। चुनाव हारने के बावजूद कल्तान दासगुप्ता ने स्पष्ट कर दिया है कि इंसाफ और जनहित के मुद्दों पर उनका संघर्ष थमेगा नहीं।
‘जनता का फैसला मंजूर, लेकिन न्याय की मांग रहेगी जारी’
चुनाव परिणामों के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में कल्तान दासगुप्ता ने कहा कि वह जनता के जनादेश का सम्मान करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारी लड़ाई केवल चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि न्याय के लिए थी। हमें आज भी इंसाफ चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे बंगाल की जनता पिछले कई महीनों से मांग रही है। हार से आंदोलन कमजोर नहीं होगा।”
भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर आंदोलन का संकल्प
कल्तान दासगुप्ता, जो अभया आंदोलन के दौरान एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे थे, ने चुनावी प्रचार में राज्य के भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। हालांकि माकपा इस बार भी मतदाताओं का पूर्ण भरोसा हासिल करने में पीछे रह गई, लेकिन कल्तान ने मैदान छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है।
नई सरकार को चेतावनी
कल्तान ने कहा कि वह इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या नई सरकार उन फाइलों को खोलेगी और दोषियों को सजा दिलाएगी जिन्हें अब तक दबाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय प्रक्रिया में देरी हुई, तो वे फिर से सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि वे जीतें या हारें, लोगों के हक की लड़ाई में हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।

