कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर से मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी चुनाव हार गई हैं। भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें एक बेहद कड़े मुकाबले में करीब 15,105 मतों के अंतर से पराजित किया। सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर के साथ-साथ नंदीग्राम सीट से भी जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक ताकत का लोहा मनवाया है।
आखिरी राउंड्स में पलटा पासा
भवानीपुर सीट पर मतगणना की शुरुआत से ही उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 14वें राउंड तक ममता बनर्जी ने बढ़त बनाने की कोशिश की, लेकिन 16वें राउंड के बाद रुझान पूरी तरह भाजपा के पक्ष में मुड़ गए।
अंतिम आंकड़े: चुनाव आयोग (ECI) के डेटा के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी को कुल 1,27,301 वोट मिले।
कांटे की टक्कर: 19वें और 20वें राउंड की गिनती के बाद यह स्पष्ट हो गया कि “बंगाल की बेटी” अपने ही गढ़ को बचाने में असफल रहीं।
तीसरा स्थान: माकपा (CPI-M) के उम्मीदवार इस त्रिकोणीय मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे।
‘100 से ज्यादा सीटें लूटी गईं’: ममता बनर्जी का गंभीर आरोप
भवानीपुर मतगणना केंद्र से बाहर निकलते समय ममता बनर्जी ने भाजपा की जीत पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने इसे ‘अनैतिक’ करार देते हुए आरोप लगाया कि कम से कम 100 सीटों पर जनादेश की लूट हुई है। ममता बनर्जी ने कहा “प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मिलीभगत से केंद्रीय बलों का दुरुपयोग किया गया। सीसीटीवी बंद कर दिए गए और हमारे काउंटिंग एजेंटों को केंद्र के अंदर जाने से रोका गया। यह लोकतंत्र की हत्या है, लेकिन हम मजबूती से वापसी करेंगे।”
नारेबाजी और तनाव का माहौल
जब ममता बनर्जी सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित मतगणना केंद्र से बाहर निकल रही थीं, तब वहां मौजूद भाजपा समर्थकों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। टीएमसी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग की गतिविधियां पूरी तरह से निष्पक्ष नहीं थीं और उनके एजेंटों को जबरन बाहर निकाला गया।
देशभर में दिखा बदलाव का असर
सिर्फ बंगाल ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी बड़े नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की हार और अब बंगाल में ममता बनर्जी की शिकस्त ने 2026 के विधानसभा चुनावों को भारतीय राजनीति के सबसे बड़े ‘अपसेट’ वाले चुनावों में शामिल कर दिया है।

