धनबाद । जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ भाजपा अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत दास की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है और परिजनों ने इसे हत्या करार देते हुए उनकी दोनों पत्नियों पर आरोप मढ़ा है।
घरेलू विवाद और हत्या की आशंका
मृतक अमृत दास के परिजनों के अनुसार, उनकी शादी दो सगी बहनों से हुई थी, लेकिन पिछले काफी समय से उनके बीच संबंध ठीक नहीं चल रहे थे। मृतक की मां और बहन ने पुलिस को बताया कि घर में आए दिन विवाद होता रहता था। उनका आरोप है कि अमृत की हत्या मारपीट के बाद की गई है।
बाजार जाने के बाद बढ़ा विवाद
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मौत से एक दिन पहले अमृत अपनी छोटी पत्नी के साथ बाजार गए थे, जिसके बाद घर में कलह और अधिक बढ़ गई थी। इसी विवाद के अगले दिन अमृत का शव संदिग्ध अवस्था में पाया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।
क्या कहती है पुलिस?
गोविंदपुर थाना प्रभारी विष्णु राउत ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह (बीमारी, जहर या हत्या) साफ हो पाएगी। पुलिस फिलहाल पारिवारिक रंजिश सहित सभी बिंदुओं पर गहराई से तफ्तीश कर रही है।

