रांची । झारखंड में बहुप्रतीक्षित ‘जनगणना-2027’ की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को रांची स्थित अपने आवासीय कार्यालय में स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर इस अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर विधायक कल्पना सोरेन भी उनके साथ मौजूद रहीं।
जनगणना-2027 के पहले चरण के अंतर्गत आज मैंने स्व-गणना (Self-Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की।
यह केवल आंकड़े जुटाने का कार्य नहीं, बल्कि हमारे झारखंड समेत देश के भविष्य को सही दिशा देने का आधार है। इस कार्य में क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार पदाधिकारियों एवं कर्मियों को शामिल करने… pic.twitter.com/T9tooTfaW8
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) May 1, 2026
“जनगणना आंकड़ों का संकलन नहीं, विकास का आधार है”
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अभियान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जनगणना महज एक संख्या नहीं है, बल्कि यह राज्य के भविष्य और विकास की रूपरेखा तैयार करने का मुख्य आधार है। सटीक डेटा होने से सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकेगा।
महत्वपूर्ण तिथियां और प्रक्रिया
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जनगणना के चरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी:
1 मई से 15 मई 2026: ऑनलाइन स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) का चरण।
16 मई से 14 जून 2026: प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर मकान सूचीकरण और डेटा संग्रह का कार्य करेंगे।
क्षेत्रीय भाषाओं पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए कि जनगणना कार्य में ऐसे कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए जो स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार हों। इससे ग्रामीणों और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को अपनी जानकारी साझा करने में आसानी होगी और डेटा की सटीकता बनी रहेगी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक प्रभात कुमार, रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने राज्य भर में इस व्यापक अभियान को सफल बनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।

