अलवर (राजस्थान) । दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रहे एक ही परिवार के पांच लोग चलती कार में आग लगने के कारण जिंदा जल गए। आग इतनी भीषण थी कि कार के भीतर केवल कंकाल और हड्डियां ही शेष बची हैं।
गैस रिसाव और शॉर्ट सर्किट बना काल
हादसा रात करीब 11 बजे मौजपुर में एसएसबी ट्रेनिंग सेंटर के पास हुआ। पुलिस के अनुसार, मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा निवासी यह परिवार किराए की अर्टिगा कार से लौट रहा था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कार में अचानक सीएनजी गैस का रिसाव हुआ और शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई।
आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और कार में सवार तीन महिलाओं, एक पुरुष और एक बच्ची को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। कार का चालक किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन वह भी बुरी तरह झुलस गया है, जिसका इलाज जयपुर के एसएमएस अस्पताल में चल रहा है।
हड्डियों के जरिए होगी पहचान
लक्ष्मणगढ़ थाना प्रभारी नेकी राम ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और दमकल की टीम ने जब आग पर काबू पाया, तब तक सब कुछ राख हो चुका था। शवों की स्थिति इतनी खराब है कि उनकी पहचान करना असंभव है। अब मृतकों की शिनाख्त के लिए डीएनए (DNA) जांच का सहारा लिया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने लिया जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए अलवर पुलिस अधीक्षक (SP) सुधीर चौधरी और एएसपी प्रियंका रघुवंशी रात में ही मौके पर पहुंचे।
“पुलिस को रात 11:15 बजे सूचना मिली थी और 15 मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया था, लेकिन तब तक जान-माल का भारी नुकसान हो चुका था। मेडिकल टीम और एफएसएल को मौके पर बुलाया गया है।”
— प्रियंका रघुवंशी, एएसपी, अलवर
पुलिस ने मध्य प्रदेश में मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। एक्सप्रेस-वे पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सीएनजी वाहनों की सुरक्षा और यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

