क्रीट (ग्रीस) । गाजा पट्टी के लिए राहत सामग्री लेकर जा रहे मानवीय सहायता समूह ‘फ्रीडम फ्लोटिला’ (ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला) के जहाजों को इजराइली रक्षा बलों ने यूनानी द्वीप क्रीट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोक दिया है। इस कार्रवाई की पुष्टि संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के दूत डैनी डैनन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की है।
इजराइल की चेतावनी: ‘सुरक्षा घेरा तोड़ना कानून का उल्लंघन’
इजराइल के दूत डैनी डैनन ने बताया कि जहाजों के बेड़े को इजराइली क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया गया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली सेना ने फ्लोटिला समूह को एक रिकॉर्डेड चेतावनी जारी की है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि गाजा की समुद्री नाकाबंदी को तोड़ने का कोई भी प्रयास अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जाएगा और राहत सामग्री ले जाने की कोई भी स्वतंत्र कोशिश चालक दल की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है।
इजराइल ने जहाजों को विकल्प देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में मानवीय सहायता पहुँचाना चाहते हैं, तो उन्हें अशदोद बंदरगाह पर आना चाहिए। वहां इजराइली अधिकारियों द्वारा सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही सहायता सामग्री को आधिकारिक माध्यमों से गाजा भेजा जाएगा।
फ्लोटिला समूह का आरोप: ‘अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी’
दूसरी ओर, ‘ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ के जनसंपर्क अधिकारी गुर त्सबार ने इजराइल की इस कार्रवाई को पूरी तरह गैरकानूनी करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इजराइल से सैकड़ों मील दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में निहत्थे नागरिकों की नावों को बंदूक के बल पर धमकाना और घेरना सीधे तौर पर आम नागरिकों पर हमला है। त्सबार ने दुनिया भर की सरकारों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है, क्योंकि बेड़े में 400 से अधिक मानवाधिकार कार्यकर्ता शामिल हैं जिनकी सुरक्षा दांव पर है।
नाकाबंदी और पुराना विवाद
उल्लेखनीय है कि गाजा पट्टी पर इजराइल की समुद्री नाकाबंदी साल 2007 से लागू है। इससे पहले भी इस तरह की कोशिशें हिंसक झड़पों का कारण बनी हैं। साल 2010 में ऐसी ही एक कोशिश के दौरान इजराइली कमांडो की कार्रवाई में तुर्किये के 10 कार्यकर्ताओं की जान चली गई थी। वहीं, हाल ही में 2 मई 2025 को भी इस समूह के एक जहाज पर माल्टा के पास ड्रोन हमला हुआ था, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी विवाद हुआ था। फिलहाल, मानवीय सहायता से लदे ये जहाज क्रीट के पास ठहरे हुए हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

