इटानगर । भारत की बेटी और अरुणाचल प्रदेश की होनहार खिलाड़ी चेरा लोकु ने बुल्गारिया के बुर्गास में आयोजित 5वीं विश्व ताइक्वांडो चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। 25 से 30 अप्रैल तक चली इस वैश्विक प्रतियोगिता में लोकु ने अपने शानदार कौशल और समर्पण से अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराया है।
38 देशों के एथलीटों के बीच कड़ा मुकाबला
इस चैंपियनशिप में दुनिया भर के 38 देशों के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों ने हिस्सा लिया था। चेरा लोकु ने कड़े संघर्ष और अनुशासन का परिचय देते हुए रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया। वहीं, उनकी साथी खिलाड़ी मेपुंग लामगु ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में सम्मानजनक 5वां स्थान हासिल किया।
प्रेरणा का स्रोत बनीं चेरा लोकु
ऑल अरुणाचल प्रदेश वुशु एसोसिएशन ने इस सफलता पर खुशी जाहिर की है। एसोसिएशन के महासचिव जॉन तारा बेकी ने कहा कि सांगाय ल्हाडेन स्पोर्ट्स अकादमी से प्रशिक्षण लेकर विश्व स्तर पर पदक जीतना लोकु की लगन और दृढ़ता का प्रमाण है।
“चेरा लोकु की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह राज्य और देश के अनगिनत युवा एथलीटों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने साबित कर दिया है कि मेहनत और अनुशासन से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।”
— जॉन तारा बेकी, महासचिव, ऑल अरुणाचल प्रदेश वुशु एसोसिएशन
कोच और टीम की सराहना
एसोसिएशन ने भारतीय दल के कोच मैबम प्रेमचंद्र सिंह के नेतृत्व और मार्गदर्शन की भी सराहना की। उनके कुशल प्रशिक्षण की बदौलत भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी बढ़ती ताकत का प्रदर्शन किया और कई पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

