येरेवन/त्बिलिसी । विश्व फुटबॉल की नियामक संस्था फीफा (FIFA) ने साल 2029 में होने वाले अंडर-20 विश्व कप की मेजबानी के लिए जॉर्जिया और आर्मेनिया के संयुक्त दावे पर मुहर लगा दी है। यह दक्षिण कॉकस क्षेत्र के इन दोनों देशों के खेल इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर है, क्योंकि वे पहली बार किसी फीफा टूर्नामेंट की मेजबानी करेंगे।
कनाडा में हुई बैठक में लगी मुहर
यह महत्वपूर्ण निर्णय बुधवार को कनाडा के वैंकूवर में आयोजित फीफा काउंसिल की बैठक में लिया गया। यह बैठक 76वीं फीफा कांग्रेस के ठीक पहले आयोजित की गई थी। फीफा का यह टूर्नामेंट हर दो साल में आयोजित होता है, जिसमें दुनिया भर की 24 सर्वश्रेष्ठ युवा टीमें हिस्सा लेती हैं। इसे भविष्य के फुटबॉल सितारों के उदय का सबसे बड़ा मंच माना जाता है।
दोनों देशों में उत्साह का माहौल
आर्मेनिया: फुटबॉल फेडरेशन ऑफ आर्मेनिया के अध्यक्ष आर्मेन मेलिकबेकयान ने इसे एक “ऐतिहासिक उपलब्धि” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल बिरादरी का आर्मेनिया की क्षमताओं पर भरोसे का प्रतीक है।
जॉर्जिया: जॉर्जियन फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष लेवन कोबियाशविली ने इसे जॉर्जिया के स्वतंत्र फुटबॉल इतिहास का एक “अद्वितीय क्षण” बताया। उन्हें विश्वास है कि इस आयोजन से क्षेत्र में फुटबॉल के विकास को एक नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।
अंडर-20 वर्ल्ड कप का इतिहास और आंकड़े
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की शुरुआत साल 1977 में ट्यूनीशिया से हुई थी। तब इसे ‘फीफा वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप’ कहा जाता था, जिसे 2007 में बदलकर वर्तमान नाम दिया गया।
सबसे सफल टीमें: अर्जेंटीना ने सर्वाधिक 6 बार यह खिताब जीता है, जबकि ब्राजील 5 खिताबों के साथ दूसरे स्थान पर है।
हालिया विजेता: 2025 में चिली में आयोजित पिछले संस्करण में मोरक्को ने खिताब जीतकर सबको चौंका दिया था।
अगला पड़ाव: 2027 का अंडर-20 विश्व कप अजरबैजान और उज़्बेकिस्तान की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा।
फीफा के इस कदम को खेल के वैश्वीकरण और नए क्षेत्रों में फुटबॉल को लोकप्रिय बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

