सारंडा/पश्चिमी सिंहभूम । पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने सारंडा वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा घटना उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, हेन्देदिरी की है, जहाँ बीती रात दो विशालकाय जंगली हाथियों ने स्कूल परिसर में घुसकर जमकर तांडव मचाया। हाथियों ने न केवल स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुँचाया, बल्कि बच्चों के मुँह का निवाला भी छीन लिया।
रसोईघर का दरवाजा तोड़कर खा गए मिड-डे मील का राशन
देर रात स्कूल की बाउंड्री पार कर अंदर घुसे हाथियों ने सबसे पहले रसोईघर को निशाना बनाया। हाथियों ने रसोई का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर रखा मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) का पूरा राशन—जिसमें भारी मात्रा में चावल, दाल और सब्जियाँ शामिल थीं—चट कर गए। इस दौरान हाथियों ने रसोई के बर्तनों और अन्य सामानों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
आज भूखे रहे बच्चे, सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
हाथियों द्वारा राशन नष्ट किए जाने के कारण बुधवार को स्कूल पहुँचे बच्चों को भोजन नसीब नहीं हो सका। स्कूल में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। राशन खत्म होने और हाथियों की मौजूदगी की खबर से बच्चों में भारी डर देखा जा रहा है। अभिभावक भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने में कतरा रहे हैं, क्योंकि जंगली हाथियों का झुंड अभी भी पास के जंगलों में डेरा डाले हुए है।
ग्रामीणों ने लगाई गुहार: “भय के साये में है हेन्देदिरी टोला”
दुविल गांव के ग्रामीण वीर सिंह हांसदा ने बताया कि हाथियों ने स्कूल की संपत्ति को काफी नुकसान पहुँचाया है। ग्रामीणों के अनुसार रात के अंधेरे में हाथियों की चिंघाड़ से पूरा इलाका थर्रा उठा। स्कूल की दीवारों और दरवाजों को भी क्षति पहुँची है। ग्रामीण अब अपनी और अपने बच्चों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
प्रशासन और वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन ने वन विभाग व जिला प्रशासन से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों को रिहायशी इलाकों और स्कूल परिसर से दूर भगाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साथ ही, स्कूल में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था को दोबारा शुरू करने के लिए जल्द से जल्द राशन और मुआवजे की मांग उठाई गई है।

