कोलकाता/नदिया । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के तहत नदिया जिले में वोटिंग शुरू होते ही हिंसा और अव्यवस्था की खबरें सामने आने लगी हैं। चापड़ा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा एजेंट पर हुए जानलेवा हमले और कई केंद्रों पर ईवीएम की खराबी ने चुनावी गहमागहमी को और बढ़ा दिया है।
BJP एजेंट पर हमले से तनाव
मतदान शुरू होने से ठीक पहले चापड़ा विधानसभा के बूथ संख्या 53 पर भारी तनाव देखा गया। भाजपा ने आरोप लगाया है कि उनके एजेंट मुशर्रफ मीर जब बूथ पर जा रहे थे, तभी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और बेरहमी से पिटाई की। इस हमले में एजेंट का सिर फट गया है, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में केंद्रीय बलों को तैनात कर दिया गया है और चुनाव आयोग ने स्थानीय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
EVM खराबी से मतदाताओं की बढ़ी मुश्किलें
जिले के कई मतदान केंद्रों पर सुबह-सुबह तकनीक ने भी धोखा दिया, जिससे मतदाताओं को घंटों धूप में इंतजार करना पड़ा:
राणाघाट उत्तर पश्चिम: वार्ड नंबर 3, बूथ संख्या 148 पर मशीन खराब होने से लंबी कतारें लग गईं।
कृष्णानगर और कालीगंज: नकशीपाड़ा के बूथ संख्या 236 और बाराचंदघर के बूथ संख्या 62 पर भी ईवीएम घंटों तक बंद रही।
प्रशासन की मुस्तैदी का दावा
तकनीकी खराबी की सूचना मिलते ही प्रशासन ने मोबाइल टीमों को मौके पर भेजा। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश जगहों पर मशीनों को ठीक कर या बदलकर मतदान दोबारा शुरू करा दिया गया है। भारी सुरक्षा के बीच पुलिस और केंद्रीय बल संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कर रहे हैं ताकि हिंसा की और घटनाएं न हों।
नदिया की इन घटनाओं ने दूसरे चरण की वोटिंग को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

