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Friday, April 24, 2026

बालकृष्ण उच्च विद्यालय में मायोपिया पर जागरूकता कार्यशाला, 275 विद्यार्थियों को दी गई आंखों की देखभाल की जानकारी

रांची। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की रांची सृजन शाखा की ओर से शुक्रवार को बालकृष्ण उच्च विद्यालय में बच्चों के लिए मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के 275 विद्यार्थियों ने भाग लिया और आंखों की सेहत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षित विशेषज्ञ डॉ. रीना सिंह, डॉ. श्वेता सिंह और डॉ. अवनीति ने बच्चों को मायोपिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मायोपिया आंखों की एक सामान्य समस्या है, जिसमें दूर की वस्तुएं स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं।

डॉ. रीना सिंह ने बच्चों को मायोपिया के प्रमुख लक्षणों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यदि ब्लैकबोर्ड साफ न दिखाई दे, आंखों में तनाव महसूस हो या बार-बार सिरदर्द हो, तो यह निकट दृष्टि दोष के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने बच्चों को इन लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय रहते जांच कराने की सलाह दी।

डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि समय पर जांच और उचित देखभाल से मायोपिया को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से आंखों की जांच कराने, संतुलित और पौष्टिक आहार लेने तथा मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर जैसे उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने विशेष रूप से स्क्रीन टाइम कम रखने पर जोर दिया।

डॉ. अवनीति ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आंखों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। उन्होंने बताया कि बच्चों ने इस कार्यशाला में उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों को गंभीरता से सुना।

इस अवसर पर मीडिया प्रभारी रीता मोदी, शाखा अध्यक्ष नेहा सरावगी, निधि सर्राफ, अनामिका केडिया, श्वेता सरावगी सहित कई सदस्य उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को आंखों की समस्याओं के प्रति सजग बनाना और स्वस्थ दृष्टि के महत्व को समझाना था।

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