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Wednesday, April 22, 2026

मानवाधिकार आयोग अध्यक्षा की सक्रियता से बाल विवाह रूका

सहरसा। कोसी क्षेत्र में बाल विवाह की कुप्रथा थमने का नाम नहीं ले रहा है। जबकि बाल विवाह रोकने के लिए सरकार एवं कई अन्य स्वयंसेवी संगठनों द्वारा निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वहीं बाल विवाह को रोकने के लिए कठोर कानून बनाया गया है ।साथ ही बाल विवाह उन्मूलन हेतु सरकारी कर्मचारियों द्वारा निरंतर लोगों को जागरूक बनाया जा रहा है।

कोसी क्षेत्र में गरीबी अशिक्षा एवं अज्ञानता के कारण बाल मजदूरी एवं बाल विवाह जैसे कुरीति बदस्तूर जारी है। इस संबंध में बाल विवाह रोकने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार की प्रदेश अध्यक्ष अंजना सिंह एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी सुपौल के सहयोग से पिपरा खुर्द पंचायत में एक बाल विवाह रोका गया।

मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष अंजना सिंह ने बताया कि इस अवसर पर पिपरा खुर्द पंचायत की मुखिया किरण देवी, प्रखंड विकास पदाधिकारी कृष्णा झा, स्वच्छता पर्यवेक्षक प्रेमचंद एवं ग्रामीण अनिल कुमार साह, कपलेश्वर शर्मा के सामने बाल विवाह को रोका गया।उन्होने बताया कि सरकार एवं स्वयंसेवी संस्थान द्वारा एक सौ दिनों तक रथयात्रा निकाल बाल विवाह मुक्त भारत बनाने को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया ताकि कोसी क्षेत्र में बाल विवाह रुक सकें।

ज्ञात हो कि मानवाधिकार आयोग की अध्यक्षा अंजना सिंह के द्वारा अब तक 25 बाल विवाह को रोककर बच्चियों की जिन्दगी बचाई है।श्रीमति सिंह पेशे से शिक्षिका रहने के बाबजूदशैक्षणिक दायित्व निर्वहन के बाबजूद मानवाधिकार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य में संलग्न है।वही शिक्षक संघ की प्रदेश सचिव के पद पर शिक्षकों के हित में अनवरत कार्य कर रही है।जिस कारण श्रीमति सिंह की चहुंओर सराहना हो रही है।

 

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