34 C
Kolkata
Wednesday, April 22, 2026

जेवर दुकान में डकैती करने वाले गैंग के सभी सदस्यों नाम उजागर

रामगढ़। जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत चितरपुर बाजार में शिव शंकर ज्वेलर्स में डकैती करने वाले गैंग के सभी सदस्यों का नाम उजागर हो गया है। जेवर दुकानदार विष्णु प्रसाद की सूझबूझ से पकड़े गए दोनों डकैतों ने पूरा राज उगल दिया। पूछताछ के दौरान उन दोनों ने गैंग के मास्टरमाइंड, डकैती की योजना बनाने वाले सदस्य और इस वारदात में शामिल सभी सदस्यों के बारे में बताया है। पकड़े गए अपराधियों में कुजू ओपी क्षेत्र के बरकट्ठी गांव निवासी सुभानी अंसारी और रांची जिले के पंडरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रेड रोज स्कूल, देवी मंडप रोड, हेसल निवासी आनंद कुमार शामिल है। उन लोगों ने बताया कि घटना को अंजाम देने में बिहार राज्य के नालंदा जिला अंतर्गत नूरसराय थाने के गनपुरा गांव निवासी विभाष पासवान उर्फ मृगेंद्र पासवान, रामगढ़ थाना क्षेत्र के मनुआ फुलसराय गांव निवासी शमशेर आलम और तीन अपराधी शामिल थे। सभी अपराधियों को विभाष पासवान लूट करने के लिए लेकर आया था।

लूट की घटना को अंजाम देने वाले गैंग के 05 सदस्य फरार हो चुके हैं। उन लोगों के हाथ 500 ग्राम सोने के जेवर और 20 किलोग्राम चांदी के जेवर लगे हैं। जिसकी कुल कीमत एक करोड़ 05 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा जेवर दुकान के काउंटर में रखा गया एक लाख रुपये नगद भी अपराधियों के हाथ लगे हैं।

गिरफ्तार आनंद कुमार लूट की घटना को अंजाम देने के लिए बेहद नाटकीय ढंग से काम कर रहा था। उसकी सारी हरकतें सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। वह जेवर के कई दुकानों में घुसा था और वहां मौजूद जेवर का मुआयना कर रहा था। जब उसे शिव शंकर ज्वेलर्स में बड़े पैमाने पर सोने और चांदी के आभूषण होने का अंदाजा हो गया, तब उसने अपने अन्य साथियों को दुकान के अंदर बुलाया। पहले तो वह एक सामान्य ग्राहक की तरह व्यवहार कर रहा था। लेकिन जब उसके साथियों ने लूट पाट शुरू की तो वह भी काउंटर में रखे जेवर और नगद बैग में समेटने लगा। जब उसके साथी भागने लगे तो उसने फिर अपने आप को ग्राहक की भूमिका में ढाल लिया। लेकिन उसका यह मुखौटा तब हटा जब उसका एक अन्य साथी सुभानी अंसारी दुकानदारों के हाथों पकड़ लिया गया। उसके हाथ से जब दुकानदारों ने पिस्तौल छीन ली तब आनंद के भी होश उड़ गए। उसने उस हथियार को दोबारा छीनने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। इसके बाद कई लोग दुकान में घुस गए और उनकी धुनाई कर दी।

रजरप्पा थाना पुलिस ने डकैती की इस मामले में दुकानदार विष्णु प्रसाद के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की है। इसके अलावा फरार डकैतों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थान पर छापेमारी भी की है। रजरप्पा पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए कई टीम बनाई है। बोकारो, रांची, हजारीबाग, रामगढ़ के अलावा बिहार राज्य के नवादा, नालंदा, अरवल, जहानाबाद इलाके में भी छापेमारी की जा रही है।

लोगों की पिटाई से घायल हुआ डकैत आनंद और सुभानी अंसारी का इलाज रामगढ़ सदर अस्पताल में हुआ। सदर अस्पताल में आनंद ने अपना पता फर्जी लिखवा दिया। उसने अपना नाम आनंद कुमार सिंह लिखवाया। साथ ही उसने खुद को बिहार राज्य के अरवल जिले के कलेर गांव का निवासी बताया। पुलिस ने जब इस पते का सत्यापन किया तो वह भी फर्जी निकला। इस डकैती कांड का मास्टरमाइंड विभाष पासवान नालंदा जिले का रहने वाला है। आनंद भी शायद अरवल जिले में काफी समय तक रहा है। उन दोनों के बीच कैसे संबंध स्थापित हुए और कितनी वारदातों को इन लोगों ने अंजाम दिया है, पुलिस इसका भी पता लग रही है।

Related Articles

नवीनतम लेख