टोक्यो | जापान में सोमवार को आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद अब एक बड़े ‘महा-भूकंप’ (Megaquake) का खतरा मंडरा रहा है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में देश में 8.0 या उससे अधिक तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आ सकता है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 1,82,000 से अधिक निवासियों के लिए निकासी निर्देश जारी किए हैं।
7.7 तीव्रता के झटकों से कांपा टोक्यो
सोमवार शाम 4:53 बजे उत्तरी इवाते प्रांत के तट पर आए भूकंप ने पूरे जापान को हिलाकर रख दिया। इसके झटके केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर राजधानी टोक्यो की गगनचुंबी इमारतों में भी साफ महसूस किए गए। भूकंप के 40 मिनट बाद इवाते के कुजी बंदरगाह पर 80 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी की लहरें टकराईं। मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा के अनुसार, फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन अगले 2-3 दिन अत्यंत संवेदनशील हैं।
प्रधानमंत्री की अपील: ‘ऊंचे स्थानों पर शरण लें’
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा, “चेतावनी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग कृपया तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।” सरकार वर्तमान में संभावित हताहतों और संपत्तियों को हुए नुकसान का डेटा जुटा रही है।
क्यों डरा रहा है ‘नानकाई ट्रफ’?
जापान दुनिया के सबसे सक्रिय ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है। वैज्ञानिकों की चिंता का मुख्य कारण नानकाई ट्रफ (Nankai Trough) है। यह 800 किमी लंबी समुद्री खाई है जहाँ टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने से बड़ा खतरा बना रहता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में आने वाला महा-भूकंप और सुनामी 2,98,000 लोगों की जान ले सकती है। इससे लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर के नुकसान की आशंका जताई गई है। जापान अभी भी 2011 के उस 9.0 तीव्रता वाले भूकंप को नहीं भूला है, जिसमें सुनामी और फुकुशिमा परमाणु हादसे के कारण 18,500 लोग मारे गए थे।

