तेहरान/वाशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खोलने के लिए ट्रंप द्वारा दी गई मंगलवार रात 8 बजे की समयसीमा (डेडलाइन) जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, ईरान में घबराहट और युद्ध की तैयारी साफ देखी जा रही है।
युवाओं से ‘मानव शृंखला’ बनाने की अपील
ट्रंप की उस चेतावनी के बाद, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान को एक ही रात में पूरी तरह खत्म किया जा सकता है, ईरान सरकार ने बचाव की अनोखी राह चुनी है। ईरान के युवा और खेल मामलों के उपमंत्री अलीरेजा रहीमी ने देश भर के युवाओं, खिलाड़ियों और कलाकारों से अपील की है कि वे बिजली संयंत्रों (Power Plants) के चारों ओर ‘मानव शृंखला’ बनाएं। उन्होंने संदेश दिया कि बुनियादी ढांचे पर हमला करना एक ‘युद्ध अपराध’ है।
ट्रंप के कड़े तेवर: “एक रात में खत्म हो सकता है ईरान”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी धमकी को दोहराते हुए कहा कि मंगलवार का दिन बेहद नाजुक है। ट्रंप के अनुसार यदि ईरान समझौता नहीं करता, तो अमेरिका उसके प्रमुख पुलों और बिजली संयंत्रों को बमबारी कर तबाह कर देगा। ट्रंप ने यहाँ तक कह दिया कि यदि इससे ईरानी जनता की आजादी सुनिश्चित होती है, तो वे कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। 45 दिनों के संघर्ष-विराम के अंतरराष्ट्रीय प्रस्ताव को ईरान ने यह कहकर खारिज कर दिया कि उन्हें अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी शांति चाहिए।
ईरान का पलटवार: पीछे नहीं हटेंगी सेनाएं
तेहरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि उसके देश पर हमले हुए, तो इसके नतीजे केवल मिडिल-ईस्ट तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरी दुनिया को इसका खामियाजा भुगतना होगा। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके कमांडरों के मारे जाने के बावजूद ईरानी सेनाएं पीछे नहीं हटेंगी।
अब पूरी दुनिया की नजरें मंगलवार रात 8 बजे की उस समयसीमा पर टिकी हैं, जो इस क्षेत्र का भविष्य तय करेगी।

