मुजफ्फरपुर | बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने देर रात एक बड़े अवैध एलपीजी रिफिलिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मोतीपुर थाना क्षेत्र के नरियार में हुई इस छापेमारी ने एक ऐसे खतरनाक खेल को उजागर किया है, जो न केवल गैरकानूनी था बल्कि बड़े हादसे को भी दावत दे रहा था।
हाई-प्रोफाइल छापेमारी और बरामदगी
डीएसपी पश्चिमी सुचित्रा कुमारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जब नरियार के पास हाईवे से हटकर एक संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां गैस टैंकर से सीधे छोटे सिलेंडरों में गैस भरी जा रही थी। पुलिस ने मौके से नेपाली नंबर का गैस, एलपीजी से पूरी तरह भरा हुआ एक विशाल टैंकर, सिलेंडरों से लदी एक पिकअप वैन और स्थानीय डिलीवरी के लिए इस्तेमाल हो रहा एक टोटो, टैंकर से गैस चोरी करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष पाइप और रिफिलिंग मशीनें ज़ब्त किया है.
गैस किल्लत के बीच कालाबाजारी का बड़ा ‘नेक्सस’
जिले में चल रही गैस की किल्लत का फायदा उठाकर यह गिरोह ऊंचे दामों पर गैस बेच रहा था। हाईवे के किनारे सुनसान इलाके में यह कारोबार चोरी-छिपे चल रहा था। पुलिस की आहट मिलते ही धंधेबाज और मजदूर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
एसएसपी की चेतावनी: सुरक्षा के लिए था बड़ा खतरा
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह सिंडिकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर (नेपाल) से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा “हाईवे के पास इस तरह असुरक्षित ढंग से गैस रिफिलिंग करना एक बड़े विस्फोट का कारण बन सकता था। हम इस पूरे नेक्सस की कड़ियों को जोड़ रहे हैं और जल्द ही इसके सरगना सलाखों के पीछे होंगे।”
इस कार्रवाई में कांटी और मोतीपुर के थानाध्यक्षों सहित सर्किल इंस्पेक्टर की अहम भूमिका रही। इस छापेमारी के बाद मुजफ्फरपुर के अवैध गैस कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है।

