गुवाहाटी | असम की 16वीं विधानसभा के लिए होने वाले चुनावी रण का प्रचार अभियान आज, मंगलवार शाम 5 बजे आधिकारिक रूप से समाप्त हो जाएगा। लोकतंत्र के इस महापर्व के लिए मतदान 9 अप्रैल (गुरुवार) को होगा। चुनाव आचार संहिता के अनुसार, आज शाम के बाद किसी भी प्रकार की औपचारिक जनसभा या रोड शो पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।
दिग्गजों ने झोंकी ताकत: सत्ता और विपक्ष में सीधी टक्कर
असम की सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए भाजपा नीत गठबंधन और कांग्रेस नीत विपक्ष ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है।
भाजपा की रणनीति: लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गजों ने ताबड़तोड़ रैलियां कीं। पीएम मोदी ने बरपेटा, होजाई और डिब्रूगढ़ में जनसभाओं को संबोधित कर विकास के एजेंडे को धार दी।
कांग्रेस का पलटवार: विपक्षी खेमे से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोर्चा संभाला। वहीं, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए अल्पसंख्यकों के बीच प्रचार किया।
चर्चित विवाद: ‘पासपोर्ट’ पर छिड़ी जंग
चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में राजनीति तब गरमा गई जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के कथित रूप से एक से अधिक पासपोर्ट होने का मुद्दा उठाया। इस खुलासे के बाद राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
आंकड़ों की जुबानी: 16वीं विधानसभा का गणित
इस बार चुनावी मैदान में कुल 722 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुख्य मुकाबला इन पार्टियों के बीच है:

मतदाता और मतदान केंद्र
असम की 126 विधानसभा सीटों पर कुल 2.50 करोड़ से अधिक मतदाता वोट डालेंगे।
कुल मतदाता: 2,50,21,413
युवा मतदाता (18-19 वर्ष): 6,28,093
सर्वाधिक मतदाता वाला क्षेत्र: दलगांव (3.17 लाख)
सबसे कम मतदाता वाला क्षेत्र: आमरी (1 लाख)
कुल मतदान केंद्र: 31,486
फ्लैशबैक 2021: पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन (NDA) ने 76 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस नीत महागठबंधन को 49 सीटों पर संतोष करना पड़ा था। अब देखना यह है कि 9 अप्रैल को असम की जनता किसके पक्ष में अपना जनादेश देती है।

