रामगढ़ जिले में इस साल रामनवमी का पर्व अद्भुत उत्साह और धार्मिक उमंग के साथ मनाया गया। जिले के करीब 240 अखाड़ों में से 180 से अधिक अखाड़ों ने भव्य झांकियां और जुलूस आयोजित किए, जबकि कई पूजा समितियों ने स्थायी झांकियां सजाकर माहौल को और भी आकर्षक बना दिया। इन झांकियों को देखने के लिए हजारों की संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे सड़कों पर उमड़ पड़े। हालांकि, आयोजन के बीच आई आंधी और बारिश ने कुछ समय के लिए बाधा पैदा की, लेकिन भक्तों के उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं आई। श्रद्धालु बारिश के बावजूद समर्पण के साथ जुलूस में पारंपरिक रूट्स पर चलते दिखे। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन ने आयोजन को और भी भव्यता प्रदान की। जिले के पतरातू, भुरकुंडा, रामगढ़, रजरप्पा, कुज्जू, मांडू, घाटो और गोला क्षेत्रों में चलित और स्थायी झांकियों की शोभा अद्वितीय थी। भगवान राम की महिमा का बखान करते भक्ति गीतों पर झूमते श्रद्धालु पूरी तरह से धर्ममय नजर आए। कार्रवाई और सुरक्षा के लिहाज से जिला प्रशासन मुस्तैद रहा। उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, एसडीओ अनुराग तिवारी, एसडीपीओ समेत प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए रही। ये सभी जुलूसों और झांकियों में जाकर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेते रहे। एसडीओ अनुराग तिवारी का कहना था कि जिले में रामनवमी पूरी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाई जा रही है और प्रशासन ने इस आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। वहीं, एसपी अजय कुमार ने बताया कि जिले भर में रामनवमी का पर्व शांति और भाईचारे के संग हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे उत्सव के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। प्रशासनिक टीम एवं रामनवमी महासमितियों के तालमेल ने इस आयोजन को न केवल व्यवस्थित बनाया, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करने में भी मदद की। पूरे जिले में त्योहार का माहौल उमंग और भक्ति से ओत–प्रोत रहा, जिसने रामगढ़ को एक बार फिर भाईचारे और धार्मिक सौहार्द्र की मिसाल बना दिया।

