हजारीबाग: इस वर्ष रामनवमी पर्व को सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने व्यापक प्रबंध किए हैं। सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए 5000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है। जुलूस की निगरानी के लिए ड्रोन और जीपीएस तकनीक का सहारा लिया जाएगा। साथ ही, हर जुलूस को एक मंच से दूसरे मंच तक पहुंचने में लगने वाले समय पर नजर रखी जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। हर त्योहार की महत्ता और खूबसूरती तभी सामने आती है जब सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो। हजारीबाग का रामनवमी जुलूस, जो लाखों राम भक्तों को शहर और गांव से खींच लाता है, करीब 36 घंटे तक सड़कों पर चलता है। ऐसे में सुरक्षा का पुख्ता प्रबंधन बेहद जरूरी हो जाता है। इस बार मुख्य चिंताओं को ध्यान में रखते हुए 5000 सुरक्षाकर्मियों के साथ टेक्नोलॉजी का समावेश किया गया है। जीपीएस की मदद से जुलूस की हर गतिविधि की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। पहले प्रशासन केवल एक मंच से जुलूस पर नजर रखता था, लेकिन इस बार एंट्रेंस पॉइंट्स पर अतिरिक्त मॉनिटरिंग मंच तैयार किए गए हैं। जुलूस की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ड्रोन कैमरों की संख्या में भी इजाफा किया गया है। न केवल जामा मस्जिद रोड, बल्कि पूरे जुलूस मार्ग को ड्रोन कैमरों के माध्यम से कवर किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष उपाय किए हैं। जुलूस मार्ग पर दो स्थानों पर महिलाओं के लिए विशेष शिविर बनाए जाएंगे, जहां वे आराम कर सकेंगी। इन शिविरों में महिला डीएसपी और महिलाओं के लिए अलग पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा, शिविरों के पास चलंत शौचालय की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। हजारीबाग के एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर पूरी तैयारी कर ली है और कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।


