काठमांडू। अमेरिका–ईरान युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच वहां काम कर रहे 50 हजार से अधिक नेपाली श्रमिकों ने अपनी वापसी के बारे में सरकार को आवेदन दिया है। तनाव बढ़ने के बाद सरकार ने खाड़ी देशों में कार्यरत नेपाली श्रमिकों का विवरण एकत्र करने के लिए विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया था। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदलती स्थिति पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है।
इसके बाद कांसुलर विभाग ने ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली 3 मार्च से शुरू की, जिसमें कुल 51,405 नेपाली श्रमिकों ने अपनी जानकारी दर्ज कराई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर पौडेल के अनुसार पंजीकरण में दी गई जानकारी के आधार पर श्रमिकों की सुरक्षा स्थिति का आकलन किया जा रहा है और उसी के अनुसार प्राथमिकता तय कर बचाव प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दर्ज जानकारी के आधार पर हमने यह पहचान की है कि कौन नेपाली सुरक्षित है और कौन असुरक्षित। जिन्होंने खुद को असुरक्षित बताया है, उनके बारे में दूतावास के माध्यम से जानकारी ली जाएगी। यदि किसी को अत्यधिक जोखिम में पाया गया तो उसे प्राथमिकता के आधार पर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”
प्रवक्ता के अनुसार समस्याओं में फंसे नेपाली श्रमिकों के लिए उनके नियोक्ताओं के साथ भी समन्वय किया जाएगा। सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में रह रहे सभी नेपाली नागरिकों से अपनी स्थिति बताने के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने का अनुरोध किया है। हालांकि अब तक कितने लोगों ने खुद को सुरक्षित या असुरक्षित बताया है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।


