रांची: नॉर्थ वेस्ट डायसिस में झारखंड, बिहार, बंगाल, असम, छत्तीसगढ़ और दिल्ली के सदस्य शामिल हुए। चुनाव में कुल 202 काउंसिल सदस्य थे। जिसमें 178 सदस्यों ने भाग लिए। सबसे अधिक 110 वोट घोषित होने के बाद पावल लुगुन को बिशप एलेक्ट घोषित किया गया। जानकारी के अनुसार, पूर्व बिशप लोलस मिंज के वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद रिक्त था। नए बिशप के चयन के साथ ही डायसिस को नया नेतृत्व मिल गया है।नवनिर्वाचित बिशप का अभिषेक (अभियंजन) 7 अप्रैल को जैवंत जीईएल चर्च, हुलहुंडु में आयोजित होगा। अभिषेक के बाद पौल लुगुन औपचारिक रूप से जीईएल चर्च नॉर्थ वेस्ट डायसिस के बिशप के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
कार्यक्रम में मोडरेटर मार्सल केरकेट्टा अभिषेक की प्रक्रिया पूरी कराएंगे। इस अवसर पर बिशप मोरेल बिलुंग, बिशप सीमांत तिर्की, बिशप मोहन लाल मंजर और असम से बिशप दीपक केरकेट्टा सहित कई वरिष्ठ चर्च प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। चुनाव के बाद चर्च के सदस्यों ने नवनिर्वाचित बिशप को बधाई दी।दूसरे चरण में कुल 178 वोट हुए हुए। इसमें 11 वोट रिजेक्ट हुए।पावल लुगुन को कुल 110 वोट प्राप्त हुए वहीं बिनोद लकड़ा को 58 वोट मिले।चर्च के सदस्यों ने बिशप के लिए पहले चरण में चार लोगों का नामांकन हुआ था।इसमे पहले चरण में आशीषन कंडुलन और प्रदीप लकड़ा को कम वोट मिलने के वजह से डिस्क्वालिफाई घोषित किए।इसके बाद मैदान में पावल लुगुन और बिनोद लकड़ा के बीच वैलेट पेपर से बिशप पद के लिए चुनाव कराए गए। जिसमें पावल लुगुन को विजय घोषित किए गए।


