चाईबासा/रांची। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एशिया के सबसे घने जंगलों में शुमार सारंडा में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान एक शक्तिशाली IED ब्लास्ट हुआ है। इस घटना में CRPF की विशिष्ट इकाई 209 कोबरा बटालियन के एक असिस्टेंट कमांडेंट गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ हादसा : मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि नक्सलियों का एक बड़ा दस्ता टोंटो या गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस और कोबरा की टीम तलाशी अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर IED की चपेट में आने से जोरदार धमाका हुआ, जिसकी चपेट में असिस्टेंट कमांडेंट आ गए।
रांची एयरलिफ्ट: ‘गोल्डन ऑवर’ में दी गई मदद : घटना के तुरंत बाद पुलिस मुख्यालय और CRPF के आला अधिकारियों को सूचित किया गया। घायल अधिकारी की स्थिति को देखते हुए झारखंड पुलिस के हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें तुरंत रांची एयरलिफ्ट किया गया। उन्हें रांची के खेलगांव स्थित हेलीपैड पर उतारने के बाद ग्रीन कॉरिडोर के जरिए मेडिकाअस्पताल ले जाया गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके उपचार में जुटी है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
इस धमाके के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। चाईबासा एसपी के निर्देश पर अतिरिक्त कुमुक (Reinforcement) को जंगल के अंदर रवाना किया गया है। माना जा रहा है कि यह हमला नक्सलियों के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा के दस्ते की मौजूदगी वाले इलाके में हुआ है।
“एंटी-नक्सल ऑपरेशन के दौरान हमारे एक अधिकारी घायल हुए हैं। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची भेज दिया गया है। नक्सलियों के खिलाफ हमारा अभियान और अधिक मजबूती के साथ जारी रहेगा।”
पिछले कई महीनों से कोल्हान और सारंडा के जंगलों में सुरक्षा बल लगातार कैंप स्थापित कर रहे हैं। बौखलाहट में नक्सली अब सुरक्षा बलों के रास्ते में बड़ी संख्या में IED बिछा रहे हैं, जिससे न केवल जवान बल्कि स्थानीय ग्रामीण और मवेशी भी हताहत हो रहे हैं।


