रांची। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 10 मार्च से अनिश्चितकालीन विधानसभा मार्च शुरू करेगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ होगी। यह जानकारी मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। पुष्कर महतो ने बताया कि प्रदर्शन कार्यक्रम की लिखित सूचना मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी रहने और खाने की व्यवस्था के साथ शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करेंगे। मोर्चा ने इसे स्वाभिमान और अधिकार की लड़ाई बताते हुए कहा कि सम्मान और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
महतो ने दावा किया कि राज्य गठन के बाद अब तक 3503 झारखंड आंदोलनकारियों का निधन हो चुका है और उनके आश्रित उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अलग राज्य के लिए संघर्ष किया, उन्हें आज भी अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। ऐसे में सरकार को आंदोलनकारियों और उनके परिजनों के हित में ठोस निर्णय लेना चाहिए। मोर्चा की प्रमुख मांग है कि जेल जाने की बाध्यता समाप्त करते हुए सभी झारखंड आंदोलनकारियों को 50-50 हजार रुपये मासिक सम्मान पेंशन दी जाए। इसके अलावा आंदोलनकारियों के आश्रितों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
मोर्चा ने यह भी मांग उठाई है कि झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता और ‘दिशोम गुरु’ के नाम से प्रसिद्ध शिबू सोरेन को गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से सर्वोच्च सम्मान दिया जाए। संगठन का कहना है कि राज्य निर्माण में उनके योगदान को औपचारिक रूप से मान्यता मिलनी चाहिए। मोर्चा के अनुसार, यह विधानसभा मार्च अनिश्चितकालीन होगा और जब तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन की ओर से फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


