पूर्वी सिंहभूम। टाटानगर रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण और विकास कार्य को गति देने के लिए रेलवे प्रशासन ने गुरुवार को एक बार फिर सख्ती दिखाते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। स्टेशन चौक से कीताडीह जाने वाली सड़क के दोनों किनारों पर वर्षों से संचालित हो रही दुकानों को हटाने के लिए रेलवे ने तीन बुलडोजर तैनात किए। संभावित कार्रवाई की जानकारी पहले से मिल जाने के कारण अधिकांश दुकानदारों ने अपने सामान को पहले ही हटा लिया था, जिससे तोड़फोड़ की प्रक्रिया अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई।
सुबह से ही रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग, रेल पथ निरीक्षक और आरपीएफ की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। अभियान के तहत गोलपहाड़ी क्षेत्र सहित छोटे-बड़े मिलाकर करीब 24 से अधिक दुकानों को हटाया गया। कीताडीह रोड को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में यह कार्रवाई की गई है, ताकि स्टेशन क्षेत्र का प्रस्तावित विकास कार्य बाधित न हो।
गत 22 जनवरी को उच्च न्यायालय ने स्टेशन चौक से कीताडीह तक सड़क किनारे वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को एक माह की मोहलत दी थी। साथ ही रेलवे प्रशासन को 42 दिनों के भीतर प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को निर्धारित है। हालांकि अब तक रेलवे की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर स्पष्ट स्थान तय नहीं किया गया है, जिससे दुकानदारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार के विरोध या तनाव की आशंका को देखते हुए दंडाधिकारी की मौजूदगी में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। लेकिन अभियान के दौरान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कहीं से भी किसी बड़े हंगामे की सूचना नहीं मिली। बताया जाता है कि कुछ प्रभावित दुकानदारों ने इस कार्रवाई के विरुद्ध पुनः उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, इसके बावजूद रेलवे ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी रखी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि स्टेशन क्षेत्र को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए यह कदम जरूरी है, ताकि भविष्य में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


