रांची : नये श्रम कानून के खिलाफ केन्द्रीय मजदूर यूनियन की आम हड़ताल गुरुवार को रही। झारखंड में भी इसका असर देखा गया। एटक एचएमएस, सीटू और इंटक के यूनियनों के लोग हड़ताल पर रहे। प्रदेश्या में कोयला स्टील व बैंकिंग सेटर में हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला।
झारखंड में लगभग 10 लाख कामगार हड़ताल में शामिल हुए। झारखंड में सीसीएल, बीसीसीएल, सेल, टाटा वर्क्स यूनियन आदि में हड़ताल का व्यापक असर रहा। गुरवार को झारखंड राज्य निर्माण कामगार यूनियन के सदस्यों हड़ताल में शामिल हुए। सुबह 11 बजे सैनिक मार्केट से अल्बर्ट एक्का चौक तक नये श्रम कानून के खिलाफ जम कर प्रदर्शन किया।
हड़ताल का बैंकिंग में भी असर दिखा। बैंक शाखाएं बंद रही। जिससे लोगों का दैनिक बैंक का कामकाज प्रभावित रहा। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी ने कहा कि झारखंड में लगभग 15 हजार करोड़ का काम प्रभावित हुआ। हड़ताल के कारण नकद लेन-देन, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट आदि का काम ठप रहा।
यह हड़ताल मुख्य रूप से केंद्र सरकार द्वारा नवंबर में नोटिफाई किए गए चार नए लेबर कोड्स के विरोध में है, जो 29 पुराने लेबर कानूनों को रिप्लेस करते हैं। यूनियनों का आरोप है कि ये कोड मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं, नौकरी की सुरक्षा घटाते हैं, हायर-एंड-फायर को आसान बनाते हैं और ट्रेड यूनियनों के रजिस्ट्रेशन को मुश्किल करते हैं बैंक कर्मचारी लंबे समय से चली आ रही मांगों जैसे 5 working days, बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस और अन्य श्रमिक हितों को भी उठा रहे हैं।


