केंद्र सरकार ने बुधवार सुबह जारी नए दिशा-निर्देशों में बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि अब सभी सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ बजाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है।
इसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा संस्करण कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाना अब अनिवार्य होगा। गृह मंत्रालय द्वारा जारी इन नियमों के तहत ‘वंदे मातरम्’ बजने के दौरान सभी लोगों के लिए खड़ा होना अनिवार्य होगा। कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत के सम्मान में बाधा डालता है या दूसरों को सम्मान देने से रोकता है, तो उसे अधिकतम तीन साल की सजा हो सकती है।
तिरंगा फहराने, कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, और राज्यपालों के आगमन और भाषणों से पहले और बाद में सहित कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम बजाना अनिवार्य किया गया है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरे बजाए जाएंगे, जिनमें वे चार अंतरे भी शामिल हैं जिन्हें 1937 में कांग्रेस ने हटाने का निर्णय लिया था। उल्लेखनीय है कि हाल ही में संकेत मिले थे कि सरकार ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम’ के तहत राष्ट्रगान से जुड़े प्रोटोकॉल को ‘वंदे मातरम्’ पर भी लागू करने की तैयारी में है।

