रांची : सुखदेवनगर थाना के पीछे स्थित खादगढ़ा, महुआ टोली इलाके में मंगलवार को जिला प्रशासन द्वारा आवासीय भवनों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान घंटों हंगामा होता रहा। करीब 27 कट्ठा जमीन पर बने 10 मकानों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद, प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए 5 से 6 बुलडोजर तैनात किए और घरों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया।
महिलाएं और बच्चे भी सड़क पर बैठ गए और कार्रवाई रोकने की मांग करने लगे। लोगों का कहना था कि ये घर उन्होंने वर्षों पहले बनाए थे और यहीं रहकर गुजर-बसर कर रहे थे। अचानक तोड़फोड़ से वे पूरी तरह बेघर हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला एक गंभीर जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसने अब एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा कर दिया है। इस कार्रवाई से सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं, जो दशकों से इन घरों में रह रहे थे। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। निवासियों के अनुसार, लगभग 50 से 60 साल पहले उन्होंने एक व्यक्ति से यह जमीन खरीदी थी और उसका पूरा भुगतान भी किया गया था। हालांकि, समय बीतने के साथ, इसी जमीन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया और मामला अदालत तक पहुंच गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी जमापूंजी इन घरों को बनाने में लगाई थी और अब वे अचानक बेघर हो गए हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन उन्हें पुनर्वास का विकल्प प्रदान करे। मामले की सुनवाई के बाद, माननीय उच्च न्यायालय ने संबंधित जमीन पर से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। इसी निर्देश के तहत, रांची जिला प्रशासन ने घरों को तोड़ने का काम शुरू किया है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि वे केवल माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन कर रहे हैं और इसमें उनकी कोई निजी मंशा नहीं है।


