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Monday, May 11, 2026

राज्यपाल के अभिभाषण में हर जगह हरियाली, लेकिन वास्तविकता उससे अलग : तेजस्वी यादव

पटना। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने राज्यपाल के संबोधन को सरकार का “वही पुराना और रटा-रटाया भाषण” करार देते हुए कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है और यह जमीनी सच्चाई से कोसों दूर है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि वे पिछले 10 वर्षों से सदन में हैं और इस दौरान चाहे कोई भी राज्यपाल आए हों, सभी ने सरकार द्वारा दिया गया वही भाषण पढ़ा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में हर जगह हरियाली और विकास की तस्वीर दिखाई गई है, लेकिन वास्तविक बिहार की स्थिति इससे बिल्कुल अलग है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाषण में जिन कई योजनाओं का जिक्र किया गया है, वे ऐसी योजनाएं हैं जिन्हें सरकार ने सत्ता में आने से पहले राष्ट्रीय जनता दल की योजनाओं से कॉपी किया है। तेजस्वी ने कहा कि सरकार केवल कागजों पर विकास दिखा रही है, जबकि आम जनता आज भी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है।
कानून-व्यवस्था को लेकर भी तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। राज्य में दिनदहाड़े हत्या, बलात्कार, लूट, अपहरण और गोलीकांड जैसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सुशासन का दावा करती है, लेकिन हकीकत में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार में कई सरकारी योजनाओं में व्यापक भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ब्लॉक या थाना स्तर पर जाए, तो हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला साफ नजर आता है।
आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरे देश में आर्थिक मोर्चे पर बिहार सबसे फिसड्डी राज्य क्यों बना हुआ है। यदि बिहार में वास्तव में विकास हुआ है, तो वह अन्य राज्यों की तरह आगे क्यों नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बिहार लगभग हर क्षेत्र में पीछे है और अगर कहीं आगे है, तो भ्रष्टाचार और अपराध के मामलों में। नीट छात्रा की मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने पर भी तेजस्वी यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामले हैं, जिनकी जांच सीबीआई को सौंपी गई, लेकिन सालों बीत जाने के बावजूद कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार “न्याय के साथ विकास” की बात तो करती है, लेकिन उसका व्यवहार और कामकाज इसके ठीक उलट है।

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