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Wednesday, March 4, 2026

निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं: अभिभावक संघ

पूर्वी सिंहभूम। शहर में संचालित निजी स्कूलों की ओर से बकाया फीस प्रतिपूर्ति नहीं मिलने का हवाला देते हुए सत्र 2026-27 से बीपीएल वर्ग के छात्रों का नामांकन नहीं लेने और नामांकन की स्थिति में स्कूल फीस में 20 प्रतिशत तक वृद्धि करने की घोषणा पर जमशेदपुर अभिभावक संघ ने कड़ा एतराज जताया है। संघ ने इस संबंध में शुक्रवार को रैली निकाल कर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम को ज्ञापन सौंपा है और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
जमशेदपुर अभिभावक संघ के अध्यक्ष डॉ. उमेश कुमार ने कहा कि स्थानीय प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से निजी स्कूल प्रबंधन यह कह रहे हैं कि पिछले चार वर्षों से सरकार की ओर से फीस प्रतिपूर्ति नहीं किए जाने के कारण वे बीपीएल वर्ग के छात्रों का नामांकन नहीं लेंगे। संघ का कहना है कि यह रुख कानूनन गलत है और शिक्षा अधिनियम की अवमानना के दायरे में आता है।
संघ के अनुसार जिन स्कूलों को लीज, रियायती अथवा निःशुल्क- अनुदानित दर पर भूमि उपलब्ध कराई गई है, वे अधिनियम के तहत सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय की श्रेणी में आते हैं और ऐसे विद्यालयों पर बीपीएल वर्ग के छात्रों का नामांकन लेना अनिवार्य है। प्रतिपूर्ति न मिलने का बहाना बनाकर नामांकन से इनकार करना नियमों का उल्लंघन है।
संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार शुल्क समिति द्वारा निर्धारित फीस दो वर्षों तक प्रभावी रहती है। ऐसे में सत्र 2025-26 में फीस बढ़ाने के बाद अगले सत्र 2026-27 में पुनः फीस वृद्धि करना अधिनियम का उल्लंघन होगा। अभिभावक संघ का आरोप है कि निजी स्कूल प्रबंधन दबाव बनाकर मनमानी फीस वृद्धि करना चाहते हैं, जिसका सीधा असर अभिभावकों और छात्रों पर पड़ेगा।
जमशेदपुर अभिभावक संघ ने उपायुक्त और जिला शिक्षा अधीक्षक से मांग की है कि यदि सत्र 2026-27 में किसी भी निजी स्कूल द्वारा बीपीएल वर्ग के छात्रों का नामांकन नहीं लिया जाता है या पुनः स्कूल फीस में वृद्धि की जाती है, तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए जाएं। संघ ने चेतावनी दी है कि बच्चों के शिक्षा अधिकार से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अभिभावक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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