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Sunday, August 23, 2026

वंदे मातरम् के छंद हटाने पर शांता कुमार ने कांग्रेस को घेरा

शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने वंदे मातरम् के मूल स्वरूप से दो छंद हटाए जाने को लेकर कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आजादी के करीब आठ दशक बाद भी क्या भारत को मोहम्मद अली जिन्ना और मुस्लिम लीग की तत्कालीन आपत्तियों के अनुसार चलना चाहिए। शांता कुमार ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन और देश की राष्ट्रीय चेतना से गहराई से जुड़ा हुआ है। इसके मूल स्वरूप में किए गए बदलाव पर देश में गंभीरता से विचार होना चाहिए।

शांता कुमार ने रविवार को जारी बयान में कहा कि वर्ष 1937 तक वंदे मातरम् का पूरा गीत गाया जाता था। उनके अनुसार, उस समय मोहम्मद अली जिन्ना और मुस्लिम लीग ने गीत के दो छंदों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने दावा किया कि इन छंदों में देवी लक्ष्मी और देवी दुर्गा का वंदन किए जाने को लेकर विरोध किया गया था। इसके बाद कांग्रेस ने प्रस्ताव पारित कर इन दोनों छंदों को हटाने का निर्णय लिया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि उसे देवी लक्ष्मी और देवी दुर्गा के वंदन से आखिर क्या आपत्ति थी। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के 80 वर्ष बाद यह विचार करने की जरूरत है कि क्या भारत को उस दौर में मुस्लिम लीग की ओर से उठाई गई आपत्तियों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए।

शांता कुमार ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि आज के भारत का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ही मुस्लिम लीग बन गई है। उन्होंने कहा कि देश का जागरूक समाज वंदे मातरम् के साथ हुए इस कथित अन्याय को स्वीकार नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों में राष्ट्रीय भावना और एकता जगाने वाला महत्वपूर्ण गीत रहा है। ऐसे में इसके ऐतिहासिक स्वरूप और उसमें किए गए बदलाव को लेकर देश में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

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