29 C
Kolkata
Sunday, August 16, 2026

तीसरी सोमवारी पर भगवामय हुआ सुल्तानगंज, तीन लाख से अधिक कांवरियों ने उठाया गंगाजल

भागलपुर। सावन की तीसरी सोमवारी को लेकर रविवार को सुल्तानगंज का उत्तरवाहिनी गंगा तट पूरी तरह भगवामय नजर आया। देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में सोमवार को जलाभिषेक के लिए सुल्तानगंज से तीन लाख से अधिक कांवरियों ने पवित्र गंगाजल उठाया और बाबाधाम की ओर प्रस्थान किया। दोपहर तक ही दो लाख से अधिक शिवभक्त यात्रा पर निकल चुके थे, जबकि देर शाम तक कांवरियों के जत्थों के आगे बढ़ने का सिलसिला लगातार जारी रहा। गंगा घाट से लेकर कांवरिया पथ तक चारों ओर केसरिया रंग और बोल बम के जयघोष की गूंज सुनाई देती रही।

सुबह होते ही नमामि गंगे घाट, सीढ़ी घाट और जहाज घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, घाटों और मुख्य मार्गों पर कांवरियों की संख्या बढ़ती गई। पूरा क्षेत्र ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘बाबा नगरिया दूर है, जाना जरूर है’ के जयघोष से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेकर नंगे पैर बाबाधाम की लंबी यात्रा पर निकलते दिखाई दिए।

105 किलो की काली स्वरूप वाली कांवर बनी आकर्षण

तीसरी सोमवारी के अवसर पर सुल्तानगंज में शिवभक्ति के कई अनोखे रंग देखने को मिले। कोलकाता से आए कांवरियों के एक विशेष जत्थे ने 105 किलो वजनी मां काली के स्वरूप वाली कांवर तैयार की, जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रही। इस विशाल कांवर को देखने के लिए रास्ते में लोगों की भीड़ जुटती रही और कांवरियों का उत्साह बढ़ाते हुए लोग हर-हर महादेव के जयकारे लगाते नजर आए।

तीसरी सोमवारी के अवसर पर प्रशासन की ओर से कांवरियों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई। सुल्तानगंज के गंगा घाट और मुख्य मार्गों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर शिवभक्तों का स्वागत किया गया। आसमान से बरसते फूलों के बीच कांवरियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

105 किलोमीटर के कांवरिया पथ पर उमड़ा जनसैलाब

सुल्तानगंज से देवघर तक करीब 105 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर रविवार को श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि कई जगहों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। तेज धूप, उमस और भीषण गर्मी के बावजूद कांवरियों के कदम नहीं रुके। नंगे पैर लंबी दूरी तय कर रहे शिवभक्तों के चेहरों पर थकान के बजाय बाबा बैद्यनाथ के दर्शन की लालसा और आस्था का उत्साह दिखाई दिया।

कांवरिया पथ के सबसे कठिन और दुर्गम माने जाने वाले सुइया पहाड़ क्षेत्र में भी कांवरियों की लंबी कतारें नजर आईं। श्रद्धालु भक्ति गीतों और बोल बम के जयघोष के बीच नाचते-झूमते आगे बढ़ते रहे। कई स्थानों पर कांवरियों के जत्थे एक-दूसरे का उत्साह बढ़ाते हुए यात्रा पूरी करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ते दिखे।

जर्मन हैंगर टेंट सिटी में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुल्तानगंज से देवघर तक व्यापक इंतजाम किए हैं। नमामि गंगे घाट और कच्चे कांवरिया पथ की शुरुआत में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आधुनिक वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर टेंट सिटी तैयार की गई है। यहां बड़ी संख्या में कांवरियों के ठहरने और विश्राम की व्यवस्था की गई है।

पूरे कांवरिया पथ पर सरकारी विभागों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में कांवरियों के लिए भोजन, शरबत, गर्म पानी, दवाइयां और पैरों की मालिश सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गर्मी और लंबी पैदल यात्रा से परेशान कांवरियों को इन सेवा शिविरों से काफी राहत मिल रही है।

सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

कांवरियों की भारी भीड़ को देखते हुए बिहार और झारखंड प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मोटरबोट के साथ चौबीसों घंटे तैनात हैं। घाटों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव दल लगातार निगरानी कर रहे हैं।

पूरे मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। प्रशासन का फोकस भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने पर है।

तीसरी सोमवारी से पहले सुल्तानगंज में उमड़ा यह जनसैलाब सावन की धार्मिक आस्था और बाबा बैद्यनाथ के प्रति शिवभक्तों की अटूट श्रद्धा की तस्वीर पेश कर रहा है। गंगा से जल लेकर बाबाधाम की ओर बढ़ते लाखों कांवरियों के जयघोष से पूरा कांवरिया मार्ग शिवमय हो उठा है।

Related Articles

नवीनतम लेख