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Tuesday, June 16, 2026

भारत-नेपाल आर्थिक सहयोग: सिलीगुड़ी में उच्चस्तरीय संवाद, पूर्वी भारत और नेपाल के बीच व्यापार-निवेश बढ़ाने पर रणनीति

काठमांडू/सिलीगुड़ी । भारत और नेपाल के व्यापारिक समुदायों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. ‘साझा समृद्धि के लिए नेपाल-भारत आर्थिक साझेदारी सुदृढ़ीकरण’ विषय पर आधारित इस मंच पर दोनों देशों के दिग्गज उद्योगपतियों, नीति-निर्माताओं और सांसदों ने आर्थिक अवसरों तथा संयुक्त निवेश सहयोग पर व्यापक मंथन किया.

इस विशेष कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन ‘एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिप्लोमेसी एंड इंटरनेशनल अफेयर्स’ (AIDIA) और ‘कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री’ (CII) नॉर्थ बंगाल जोनल काउंसिल द्वारा किया गया.

नेपाल में निवेश का अनुकूल माहौल: सांसद पारसमणि गेलाल

नेपाल की प्रतिनिधि सभा के सदस्य (सांसद) पारसमणि गेलाल ने संवाद सत्र की अध्यक्षता और समापन संबोधन किया. उन्होंने भारतीय उद्यमियों को नेपाल में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा:

  • सरकार की प्रतिबद्धता: नेपाल की वर्तमान सरकार निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने और निवेश-अनुकूल नीतियां (Investment-Friendly Environment) बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

  • राजनैतिक सहयोग: उन्होंने व्यापारिक संबंधों को गति देने में नेपाल सरकार और अपनी राजनीतिक पार्टी की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया.

किन क्षेत्रों पर रहा मुख्य ध्यान?

संवाद में शामिल वक्ताओं ने विशेष रूप से पूर्वी नेपाल और भारत के पश्चिम बंगाल के बीच एक मजबूत आर्थिक कॉरिडोर (Nepal-West Bengal Economic Corridor) विकसित करने और व्यावहारिक नीतियों के क्रियान्वयन पर जोर दिया. इसके तहत 5 प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है:

  1. जलविद्युत (Hydroelectricity): नेपाल की विशाल पनबिजली क्षमता का लाभ भारत के सीमावर्ती राज्यों को मिलना.

  2. पर्यटन और आतिथ्य (Tourism & Hospitality): दोनों क्षेत्रों के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना.

  3. कृषि और विनिर्माण (Agriculture & Manufacturing): कृषि आधारित उद्योगों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) में निवेश.

  4. शिक्षा (Education): पश्चिम बंगाल और नेपाल के शैक्षणिक संस्थानों के बीच साझेदारी.

  5. स्वास्थ्य सेवा (Healthcare): चिकित्सा पर्यटन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का आदान-प्रदान.

दोनों देशों के प्रमुख विचार और सुझाव

कुनाल कयाल (उपाध्यक्ष, नेपाल-भारत उद्योग वाणिज्य संघ – MCCI): भारत और नेपाल के बीच अद्वितीय आर्थिक और जनस्तरीय (People-to-People) संबंध हैं. द्विपक्षीय आर्थिक संभावनाओं का पूरा दोहन करने के लिए दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग को और मजबूत करना होगा.

  • नियमित संवाद की जरूरत: सीआईआई (CII) नॉर्थ बंगाल जोनल काउंसिल के अध्यक्ष सतीश मित्रुका ने द्विपक्षीय संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए काठमांडू और सिलीगुड़ी में ऐसे संवाद कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने का सुझाव दिया.

  • पर्यटन और चिकित्सा: सीआईआई के उपाध्यक्ष अमल मंडल, रूरल हेरिटेज कंजर्वेशन टूरिज्म के सुप्रतिम (राज) बसु और किन्स हॉस्पिटल के संस्थापक सुमित सिन्हाल ने चिकित्सा शिक्षा और सीमा पार पर्यटन के अवसरों पर प्रकाश डाला.

  • शैक्षणिक साझेदारी: आईईसी ग्रुप नेपाल की प्रबंध निदेशक शैलजा अधिकारी, आईआईएएस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रिंसिपल डॉ. केवी राजेन्द्रन नैयर और ग्लोकल के अध्यक्ष आशिष ठाकुर ने शिक्षा क्षेत्र की संभावनाओं को सामने रखा.

  • व्यापारिक अनुभव: मोरंग उद्योग संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कुमार शाह ने पूर्वी नेपाल और पश्चिम बंगाल के बीच व्यापारिक सुगमता से जुड़े जमीनी अनुभव साझा किए.

इस महत्वपूर्ण सत्र का सफल संचालन सीआईआई उत्तर बंगाल जोनल काउंसिल की रियल एस्टेट एवं लॉजिस्टिक्स पैनल की अध्यक्ष लक्ष्मी लिम्बु कौशल ने किया. उन्होंने इस संयुक्त पहल को सिर्फ एक शुरुआत बताते हुए कहा कि यह मंच आगे चलकर दोनों देशों के व्यापारिक नेतृत्वकर्ताओं के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान का सबसे बड़ा जरिया बनेगा.

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