आज विश्व रेटिना दिवस 2025 के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डायबिटीज़ (मधुमेह) रेटिना पर गंभीर असर डाल सकती है। यदि समय रहते सावधानी न बरती जाए तो नेत्र को स्थायी क्षति और दृष्टि हानि का जोखिम बढ़ जाता है।
रेटिना और उसकी भूमिका
रेटिना आंख की वह पतली परत होती है जो प्रकाश को संवेदन में बदलने और मस्तिष्क को भेजने का काम करती है। इसे ‘कैमरा की फिल्म’ से तुलना दी जाती है। यदि यह भाग स्वस्थ न हो, तो दृष्टि धुंधली या विकृत हो सकती है।
डायबिटीज़ से रेटिना को कैसे क्षति होती है
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लगातार उच्च रक्त शर्करा छोटी रक्त नलिकाओं को नुकसान पहुंचाती है, जिससे रक्त निस्पंदन या रिसाव (leakage) हो सकता है।
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इस प्रक्रिया के कारण डायबिटिक रेटिनोपैथी नामक स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जो आँख की दृष्टि को ख़तरे में डालती हैं।
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कभी-कभी यूरिनता (fluid) रेटिना की मॅक्युला (macula) में जमा हो जाती है, जिसे डायबिटिक मैक्यूलर एडिमा (DME) कहा जाता है — यह सीधी दृष्टि को प्रभावित कर सकती है।
क्या कह रही विशेषज्ञ रिपोर्टें
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भारत में आज व्रुद्धमान की प्रवृत्ति को देखते हुए, एक राष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने यह जोर दिया कि DME आम समस्या बनती जा रही है और समय पर स्क्रीनिंग व इलाज बेहद आवश्यक है।
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अन्य शोधों ने यह भी संकेत किया है कि कम रक्त शर्करा (hypoglycemia) की घटनाएँ रेटिना की रक्त–बाधा (blood-retinal barrier) को तोड़ सकती हैं, जिससे और ज़्यादा रिसाव व परतक रूप से दृष्टि हानी हो सकती है।
बचाव और रोकथाम के उपाय
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नियमित आँखों की जांच — मधुमेह रोगियों को प्रत्येक वर्ष रेटिना की जांच कराना चाहिए।
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रक्त शर्करा का नियंत्रण — ग्लूकोज़ स्तर को नियंत्रित रखना रेटिना को होने वाले नुकसान को रोकने में मदद करता है।
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रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण — ये अन्य जोखिम कारक हैं, जिनका भी प्रबंधन जरूरी है।
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समय पर इलाज शुरू करना — यदि रेटिना में कोई समस्या पाई जाए, तो लेज़र थेरेपी, इंट्राविट्रियस इंजेक्शन या अन्य उपचार विकल्पों का उपयोग किया जा सकता है।
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जागरूकता बढ़ाना — लोगों को यह जानकारी होनी चाहिए कि आँख की समस्या देर से ही लक्षण देती है, इसलिए शांति से इंतजार नहीं करना चाहिए।
विश्व रेटिना दिवस हमें यह याद दिलाता है कि आँखों की देखभाल सिर्फ मोतीबिंदु या उस हिस्से तक सीमित नहीं है, बल्कि रेटिना की सेहत भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मधुमेह से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी क्योंकि आंख की दृष्टि हमारे जीवन की गुणवत्ता से गहरे जुड़े हैं।


