रांची | नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर देश भर में जारी चर्चा के बीच, फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) की महिला इकाई आज एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। आज शनिवार, 11 अप्रैल को दोपहर 1 बजे चैम्बर भवन में एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया है।
आरक्षण और सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर मंथन
इस प्रेस वार्ता का मुख्य केंद्र केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नारी शक्ति वंदन अधिनियम है। महिला उद्यमी और विभिन्न क्षेत्रों की विशेषज्ञ महिलाएं संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण और इसके दूरगामी सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर अपना दृष्टिकोण साझा करेंगी।
विभिन्न क्षेत्रों की दिग्गज महिलाएं होंगी शामिल
प्रेस वार्ता को संबोधित करने के लिए व्यवसाय, कानून, कला और साहित्य जगत की नामचीन हस्तियां जुटेंगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं. चैम्बर पदाधिकारी: आस्था किरण, पूजा ढाढा, ज्योति कुमारी, विनीता सिंघानिया, नेहा पटवारी और निधि झुनझुनवाला। विशेषज्ञ: सीए मनीषा बियानी, सीए श्रद्धा बगला, सीए साक्षी जैन और अधिवक्ता डॉ. लावण्या मित्तल साहित्य एवं कला: साहित्यकार पुष्पा सहाय, डॉ. सुमन दुबे, डॉ. रजनी चंदा शर्मा और आर्टिस्ट गार्गी मलकानी। अन्य सदस्य: पूनम आनंद और मालती कुजूर।
सशक्तिकरण को नई दिशा देने की तैयारी
चैम्बर की महिला उद्यमियों का मानना है कि विधायी निकायों में महिलाओं की भागीदारी न केवल राजनीति, बल्कि व्यापार और सामाजिक ढांचे में भी सकारात्मक बदलाव लाएगी। इस वार्ता के जरिए महिलाएं सरकार के इस कदम पर अपनी राय रखेंगी और इसके प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में सुझाव भी देंगी।
चैम्बर ने सभी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों को इस महत्वपूर्ण परिचर्चा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है।

