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Monday, March 9, 2026

पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत का आधार है नारी : प्रधान जिला जज

खूंटी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), खूंटी के तत्वावधान में रविवार को प्रखंड सभागार तोरपा में जिला प्रशासन के सहयोग से विधिक जागरूकता सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं के लिए विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के तहत लगभग एक करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, डीएलएसए रसिकेश कुमार अलावा अपर समाहर्ता परमेश्वर मुंडा, एसडीजेएम विद्यावती कुमारी, बीडीओ तोरपा नवीन कुमार झा, सीओ तोरपा पूजा बिंहा तथा डीएलएसए खूंटी के सचिव कमलेश बेहरा सहित जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद थे।

कार्यक्रम की शुरुआत बीडीओ तोरपा नवीन कुमार झा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं के हित में इस प्रकार के विधिक जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने डीएलएसए का आभार जताते हुए कहा कि प्रखंड प्रशासन ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन में हमेशा सहयोग करता रहेगा।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार ने कहा कि नारी इस पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत का आधार है। एक महिला मां के रूप में जीवन को जन्म देती है और उसे संस्कार, प्रेम और मार्गदर्शन प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बिना समाज, परिवार और मानव सभ्यता की कल्पना संभव नहीं है। इसलिए महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित महिलाओं के साथ केक काटकर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया।

एसी परमेश्वर मुंडा ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया।

डीएलएसए के सचिव कमलेश बेहरा ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं और बच्चों सहित पात्र लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने पैनल अधिवक्ताओं, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम तथा पात्र व्यक्तियों के लिए न्यायालय शुल्क में छूट की जानकारी दी। साथ ही पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत एसिड अटैक, हत्या, बलात्कार और यौन उत्पीड़न जैसे मामलों के पीड़ितों को सहायता प्रदान किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 का उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया।

एसडीजेएम विद्यावती कुमारी ने महिलाओं के अधिकारों और उनके संरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 39 (क) के महत्व को बताते हुए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।

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