तेहरान | अमेरिका और इजराइल का ईरान पर हमला तीसरे दिन भी जारी है। अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान पर लगातार हमले किए हैं। वहीं, अयातुल्ला खामेनेई के मारे जाने के बावजूद, ईरान की तरफ से मिसाइल हमले थमे नहीं हैं। खबरों के मुताबिक, हिज़बुल्लाह ने भी रॉकेट दागे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आशंका जताई है कि युद्ध लंबा खिंच सकता है और इससे सैनिकों की क्षति बढ़ सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 5 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ईरान में इस घटना के कारण 40 दिनों का राजकीय शोक और सात दिनों की छुट्टी घोषित की गई है। ट्रंप ने दावा किया है कि इन हमलों में ईरान के 48 नेताओं को मार गिराया गया है, साथ ही कई जहाजों को भी नष्ट कर दिया गया है। अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने अब तक ईरान पर हजारों बम गिराने के दावे किए हैं। इतना ही नहीं, खामेनेई का आवासीय परिसर भी पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।
साइप्रस में ब्रिटिश एयरबेस पर ड्रोन हमला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साइप्रस की सरकार ने पुष्टि की है कि वहां स्थित एक ब्रिटिश एयरबेस पर ड्रोन से हमला किया गया। हालांकि इससे बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि हमले में एक बिना पायलट वाला ड्रोन शामिल था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए साइप्रस सरकार के प्रवक्ता कॉन्स्टेंटिनोस लेटिम्बियोटिस ने कहा कि स्थानीय अधिकारी ब्रिटेन के साथ मिलकर स्थिति पर निगरानी रख रहे हैं।
इराकी लड़ाकों का बगदाद में अमेरिकी सैनिकों पर ड्रोन हमले का दावा
बगदाद में स्थित एयरपोर्ट पर इराकी शिया लड़ाकों द्वारा अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन से हमला करने का दावा किया गया है। माना जा रहा है कि यह हमला अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने के मकसद से किया गया। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला सरया अवलिया अल-दाम नामक एक शिया गुट ने किया। यह समूह 2003 में अमेरिका द्वारा इराक पर किए गए हमलों के बाद सक्रिय हुआ था और उसने सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाने में भूमिका निभाई थी। फिलहाल अमेरिका और इराक ने इस दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब ईरान समर्थित गुट, जिसमें लेबनानी संगठन हिज़बुल्लाह भी शामिल है, अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध में खुलकर हिस्सा ले रहे हैं।


