खूंटी। तोरपा प्रखंड के बास्की गांव में नवनिर्मित शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे गांव में उत्साह और भक्ति का वातावरण व्याप्त है। तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ 5 फरवरी से होगा, जिसका समापन सात फरवरी, शनिवार को पूर्णाहुति के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर गांव को आकर्षक झंडों और सजावट से सुसज्जित कर दिया गया है। मंदिर का रंगरोगन कार्य पूर्ण हो चुका है तथा रविवार को विधि-विधान से मंदिर के गुंबद पर पांच शूल स्थापित कर दिए गए हैं।
आयोजन समिति के सदस्य राजनाथ सिंह, शिव कुमार सिंह, एमपी सिंह, राम नरेश सिंह, गोपाल सिंह, आनन्द सिंह, राजेंद्र सिंह, सोनू सिंह, सुरेंद्र सिंह, विक्रमा महतो सहित गांव के महिला-पुरुष इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। समिति ने बताया कि बनारस से पधारे विद्वान आचार्यों की उपस्थिति में सभी अनुष्ठान वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराए जाएंगे। महोत्सव के प्रथम दिन पांच फरवरी को मंदिर परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी।
यह यात्रा छाता नदी स्थित छठ घाट तक जाएगी, जहां गंगा पूजन के पश्चात कलशों में पवित्र जल भरा जाएगा। इसके बाद कलश यात्रा तोरपा मेन रोड, तोरपा मिशन और तपकरा रोड होते हुए पुनः बास्की गांव लौटेगी। कलश कलश यात्रा में 751 महिलाओं के अलावा सैकड़ों श्रद्धालु भाग लेंगे। समारोह के पहले दिन वेदी पूजन, पंचांग पूजन सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।
छह फरवरी को मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे। सात फरवरी को पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। तीनों दिन श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी को महाकाल की नगरी से शिव परिवार की प्रतिमाएं गांव पहुंची थीं, जिनका ग्रामीणों की ओर से भव्य स्वागत किया गया था। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को लेकर ग्रामीणों में गहरा उत्साह और आस्था देखने को मिल रही है।


