रांची । झारखंड की राजधानी रांची की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क अब और भी मजबूत किया जाएगा। राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्र ने गुरुवार को पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर ‘तीसरा नेत्र’ (सीसीटीवी) के दायरे को बढ़ाने और इसे अधिक प्रभावी बनाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
हाईलेवल कमेटी करेगी समीक्षा
डीजीपी ने शहर के सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता जांचने और नए स्थानों को चिन्हित करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
अध्यक्ष: एडीजी सीआईडी मनोज कौशिक।
सदस्य: डीआईजी (झारखंड जगुआर) इंद्रजीत महथा और रांची एसएसपी राकेश रंजन।
यह समिति शहर में लगे मौजूदा कैमरों का मूल्यांकन करेगी और देखेगी कि कौन से कैमरे काम नहीं कर रहे हैं या किनका रेजोल्यूशन (स्पष्टता) कम है। समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही डीजीपी को सौंपेगी।
अपराध नियंत्रण पर विशेष जोर
डीजीपी कार्यालय से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य राजधानी में अपराध पर अंकुश लगाना और सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाना है।
अपग्रेडेशन: पुराने और कम क्षमता वाले कैमरों को आधुनिक कैमरों से बदला जाएगा।
नए लोकेशन: शहर के संवेदनशील इलाकों और ऐसे स्थान जो अब तक कैमरों की जद से बाहर हैं, वहां नए सीसीटीवी लगाए जाएंगे।
त्वरित मरम्मत: जो कैमरे तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े हैं, उन्हें कमेटी के निर्देश पर तत्काल ठीक करवाया जाएगा।
कमेटी की रिपोर्ट के बाद शुरू होगा काम
समिति द्वारा नए स्थानों के चयन और कैमरों की गुणवत्ता पर निर्णय लेने के बाद, राजधानी में कैमरों के इंस्टॉलेशन और अपग्रेडेशन का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इस कदम से न केवल अपराधियों में खौफ पैदा होगा, बल्कि किसी भी वारदात के बाद आरोपियों तक पहुंचना भी आसान होगा।

