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Friday, August 14, 2026

नेपाल में सत्तारूढ़ दल के प्रमुख सचेतक ने संसद में सरकार की आलोचना की

काठमांडू। नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) के प्रमुख सचेतक प्रकाशचन्द्र परियार ने संसद में मीडिया संस्थानों के प्रवेश द्वार पर वाहन खड़े कर आवाजाही बाधित किए जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र प्रेस की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस मामले में सरकार, विशेषकर गृह मंत्रालय, अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है।

प्रेस की स्वतंत्रता पर किसी तरह का दबाव स्वीकार नहीं

प्रतिनिधि सभा की बैठक में परियार ने कहा कि सत्ता में होने का अर्थ यह नहीं है कि प्रेस पर किसी प्रकार का दबाव, भय या अराजकता थोपी जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निर्भीक मीडिया का संरक्षण आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “यदि हम स्वतंत्र प्रेस की रक्षा के लिए आगे नहीं आएंगे, तो फिर कौन आएगा?”

‘सत्य को दबाया नहीं जा सकता’

प्रकाशचन्द्र परियार ने कहा कि राजधानी के प्रमुख मीडिया संस्थानों के मुख्य प्रवेश द्वार पर वाहन खड़े कर उनकी गतिविधियों को बाधित करने और मीडिया को डराने का प्रयास निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम वही लोग उठाते हैं जो सत्य से डरते हैं, लेकिन सत्य को छिपाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि नेपाली पत्रकारिता ने अनेक कठिन दौर देखे हैं। तत्कालीन राजा ज्ञानेन्द्र शाह के प्रत्यक्ष शासन के समय भी समाचार कक्षों में सैनिकों की मौजूदगी और सेंसरशिप के बावजूद मीडिया नहीं झुका था। ऐसे में कुछ वाहन खड़े कर पत्रकारों को डराने की कोशिश सफल नहीं होगी।

पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग

परियार ने सरकार और गृह प्रशासन से सभी मीडिया संस्थानों तथा पत्रकारों को निर्बाध और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रेस की स्वतंत्रता की हर हाल में रक्षा होनी चाहिए।

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