- मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने की प्रेस वार्ता, झारखंड में निवेश को लेकर दी जानकारी
- टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच से झारखंड में निवेश अनुकूल माहौल हो रहा तैयार
- झारखंड में निवेश को लेकर टाटा समूह की योजनाएं
- टाटा समूह की राज्य में स्थापित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में नई टेक्नोलॉजी पर होगा बड़ा निवेश
- झारखंड में नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्रीज स्थापित करने की दिशा में पहल की जाएगी
- सीएसआर का दायरा बढ़ेगा, इसकी राशि में की जाएगी बढ़ोतरी
- राज्य के युवाओं के कौशल विकास में टाटा समूह राज्य सरकार के साझेदार की निभाएगी भूमिका
रांची : झारखंड में टाटा समूह नया निवेश करने जा रही है। यह निवेश नई टेक्नोलॉजी आधारित होगा। निवेश से संबंधित प्रस्ताव पर राज्य सरकार का पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा समूह का झारखंड से काफी पुराना रिश्ता रहा है। इस समूह ने अपने सफ़र की शुरुआत इसी राज्य से की थी। आज टाटा समूह की वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान है। यह समूह विभिन्न संस्थानों- प्रतिष्ठानों के माध्यम से झारखंड समेत देश के विकास में अहम योगदान करता आ रहा है । इस समूह का सफर निरंतर आगे बढ़ रहा है । मुझे उम्मीद और विश्वास है कि यह सफर पूरी मजबूती के साथ अनवरत जारी रहेगा।
राज्य में निवेश अनुकूल माहौल हो रहा तैयार : टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि आज झारखंड जैसे राज्य में निवेश अनुकूल माहौल तैयार हो रहा है। औद्योगिक विकास को लेकर राज्य सरकार का रोड मैप निवेशकों को काफी आकर्षित कर रहा है। मुख्यमंत्री के साथ आज हुई बैठक में निवेश से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई और इसके सकारात्मक परिणाम आपको देखने को मिलेंगे।

नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्रीज की तैयार होगी योजना : टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप झारखंड में नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्रीज स्थापित करने की दिशा में पहल की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार और टाटा के अधिकारियों की एक टीम बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में टाटा समूह हर स्तर पर पूरा सहयोग देगी।
नई टेक्नोलॉजी पर होगा निवेश : टाटा समूह के कई प्रतिष्ठान इस राज्य में कार्यरत हैं। इसमें टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसी बड़ी फैक्ट्रियां भी शामिल हैँ। अब इन प्रतिष्ठानों में नई टेक्नोलॉजी से उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। ऐसे में नई टेक्नोलॉजी पर बड़े निवेश की योजना है। इसके अंतर्गत टाटा स्टील में नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से जहां प्रदूषण नियंत्रण के साथ उत्पादन की प्रक्रिया तेज होगी, वहीं उन्नत हाइड्रोजन बेस्ड वाहन निर्माण संयंत्र स्थापित किया गया है।
सीएसआर का बढ़ेगा दायरा, स्किल डेवलपमेंट पर भी रहेगा फ़ोकस : झारखंड के विकास में टाटा समूह अपनी पूरी भागीदारी निभाना के लिए तैयार है। ऐसे में सीएसआर का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसकी राशि में बढ़ोतरी करने की योजना है, ताकि इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ यहां के लोगों को मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि यहाँ के युवाओं के कौशल विकास में टाटा समूह राज्य सरकार के साझेदार की भूमिका निभाएगी। ताकि, आज की जरूरत के हिसाब से उनके कौशल को निखार कर तैयार किया जा सके।


