खूंटी। जिले में मलेरिया उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के उद्देश्य से गुरुवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में सघन मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम–तृतीय चरण ( आईएमपी -III) के तहत जिला स्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का आयोजन जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण विभाग द्वारा चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट (सीनी) के सहयोग से किया गया।
बैठक में जिले में मलेरिया की वर्तमान स्थिति, संक्रमण दर, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, रोकथाम के उपाय, सक्रिय सर्वेक्षण, जांच एवं उपचार की व्यवस्था, दवा वितरण, मच्छर नियंत्रण गतिविधियों तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. रजनी नीलम टोप्पो ने कहा कि आईएमपी -III के तहत अड़की, रनिया और तोरपा प्रखंडों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत घर-घर जाकर बुखार के मामलों की पहचान, मलेरिया जांच, समय पर उपचार तथा मच्छर नियंत्रण गतिविधियों को तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आशा, एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयंसेवकों को नियमित प्रशिक्षण देकर जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें सभी विभागों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को 2030 तक भारत को मलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य को सफल बनाने की शपथ दिलाई।
सीनी संस्था के कार्यक्रम प्रबंधक राम राज सिंह ने कहा कि मलेरिया उन्मूलन में समुदाय की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई रखने, पानी का जमाव रोकने, मच्छरदानी के नियमित उपयोग तथा बुखार होने पर तुरंत जांच कराने की अपील की। बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, चिकित्सा प्रभारी, सीनी संस्था के प्रतिनिधि, पत्रकार एवं प्रखंड स्तरीय प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिए। अंत में जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए सभी ने संयुक्त प्रयास का संकल्प लिया। बैठक में सीनी संस्था के अनिल कुमार, संगीता मिश्रा, रोहित कुमार, असगर अब्बास, विभिन्न प्रखंड स्तरीय प्रतिनिधि तथा सहयोगी संस्थाओं के सदस्य उपस्थित रहे।


