नई दिल्ली – देश की प्रमुख दूरसंचार व डिजिटल सप्राइवेट कंपनी रेलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Reliance Jio Platforms Ltd.) के आगामी आईपीओ (Initial Public Offering) की तैयारी जोरों पर है। निवेश बैंकरों के मतानुसार इस लिस्टिंग में कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 130 बिलियन डॉलर से लेकर 170 बिलियन डॉलर तक आंका जा रहा है।
यदि यह आंकड़ा तय होता है, तो जियो न सिर्फ भारत की शीर्ष कंपनियों में शामिल होगी बल्कि यह लेवल्टिप (large-cap) सिलसिले में एक मील का पत्थर भी बनेगी। इस वैल्यूएशन से जियो की स्थिति वर्तमान में शीर्ष कंपनियों जैसे कि Bharti Airtel Ltd. से भी आगे निकलने का संकेत देती है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि इस लिस्टिंग से जियो के माध्यम से मूल कंपनी Reliance Industries Limited को भी एक बड़ा वैल्यू अनलॉकिंग अवसर मिलेगा।
हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और प्रक्रिया में कई पहलू तय होना बाकी हैं — जैसे कि आईपीओ की राशि, हिस्सेदारी की मात्रा, और सार्वजनिक फ्लोट का आकार।
इस पृष्ठभूमि में देखें तो,
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जियो के पास पहले ही करोड़ों ग्राहक हैं और भारत-तकनीकी व दूरसंचार क्षेत्र में इसका प्रभुत्व तेजी से बढ़ रहा है।
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नए आईपीओ रूल्स के कारण अब कंपनियों को कम हिस्सेदारी के साथ भी लिस्टिंग करना संभव होगा, जिससे यह लिस्टिंग अधिक आकर्षक बन सकती है।


