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Saturday, April 11, 2026

रांची की महिला उद्यमियों ने किया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का भव्य स्वागत, बताया महिला सशक्तिकरण का नया युग

रांची । फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) से जुड़ी महिला उद्यमियों और प्रोफेशनल्स ने भारत सरकार के ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का पुरजोर समर्थन किया है। चैम्बर भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान महिलाओं ने इस विधेयक को देश की राजनीतिक और सामाजिक दिशा बदलने वाला एक क्रांतिकारी कदम करार दिया।

संसद और विधानसभाओं में बढ़ेगी भागीदारी
प्रेस वार्ता में महिला उद्यमियों ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए प्रस्तावित 33 प्रतिशत आरक्षण से नेतृत्व में संवेदनशीलता और प्रभावशीलता आएगी। सदस्य पूनम आनंद ने जानकारी दी कि 16-17 अप्रैल को यह विधेयक संसद में प्रस्तुत होने जा रहा है, जो महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

प्रमुख वक्ताओं के विचार:
सीए मनीषा बियानी: “यह वर्षों से प्रतीक्षित पहल है जो राजनीतिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगी।”
डॉ. सुमन दुबे: “देश को विश्व शक्ति बनाने के लिए महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है। इससे स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव दिखेंगे।”
सीए श्रद्धा बागला व साक्षी जैन: “33% आरक्षण महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा और स्वच्छता जैसे विषयों पर मुखर होने का मौका देगा, जो 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पाने में सहायक होगा।”
विनीता सिंघानिया व आस्था किरण: “महिलाओं की सक्रियता से जनप्रतिनिधित्व अधिक जवाबदेह बनेगा। यह एक होलिस्टिक यानी समग्र विकास की सोच है।”

महिला शक्ति का एकजुट समर्थन
इस प्रेस वार्ता में आस्था किरण, विनीता सिंघानिया, पूनम आनंद, सीए मनीषा बियानी, सीए श्रद्धा बागला, सीए साक्षी जैन, साहित्यकार पुष्पा सहाय, डॉ. सुमन दुबे, डॉ. रजनी चंदा शर्मा, आर्टिस्ट गार्गी मलकानी, अधिवक्ता डॉ. लावण्या मित्तल और मालती कुजूर समेत कई प्रबुद्ध महिलाओं ने अपने विचार साझा किए। सभी ने एक स्वर में प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस अधिनियम से सामाजिक-आर्थिक विकास को नई मजबूती मिलेगी।

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