गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले के रमकांडा में रामनवमी का जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने भी हिस्सा लिया। इलाके के बिचला टोला में बीते दो दिनों से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच चल रहे विवाद के बावजूद रामनवमी के दिन शांति बनी रही। लोग अपने घरों में ही रहे, और पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन के जरिए की गई। शुक्रवार को बिचला टोला के मुस्लिम बहुल इलाके में भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था। इस बीच, राम भक्त जुलूस की तैयारी में जुटे थे और पुलिस ने ड्रोन से क्षेत्र पर नजर बनाए रखी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हिंदू त्योहारों के दौरान ही अक्सर तनाव की स्थिति बनती है, जबकि मुस्लिम त्योहारों में भाईचारे का प्रदर्शन करना पड़ता है। आरएसएस के जिला संयोजक ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि देश संविधान से चलेगा, न कि किसी अन्य कानून से, और सभी को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जुलूस को रोकने की कोशिश क्यों की गई। इस घटना के बाद स्थानीय भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी और पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर ने मौके का दौरा किया। भाजपा विधायक ने इसे राज्य सरकार की लापरवाही और तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि अन्य धर्मों के त्योहारों जैसे ईद और मुहर्रम को सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाया जाता है, लेकिन रामकांडा में विवाद छह डिसमिल जमीन पर बने चबूतरे पर झंडा लगाने को लेकर हुआ, जो एक पारंपरिक मार्ग है और जिसे अवरुद्ध किया जा रहा है। दूसरी ओर, पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर ने कहा कि इस मामले को लेकर विपक्ष राजनीति कर रहा है, जो सही नहीं है। उन्होंने सभी से त्योहार को आपसी सौहार्द के साथ मनाने की अपील की और बताया कि अतीत में भी रामकांडा में हिंदू और मुस्लिम समुदाय मिलकर त्योहार मनाते रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। एसडीपीओ और एसडीएम सहित बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात थे। एसडीएम ने बताया कि एक दिन पहले हुई घटना के चलते हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव पैदा हो गया था। वहीं, एसडीपीओ ने कहा कि स्थिति अब पूरी तरह शांत है और दोनों पक्षों से बात कर रामनवमी का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।


